निःशुल्क इलाज के लिए प्रवासी कामगारों के शीघ्र बनाए जाएं गोल्डेन कार्ड : DM
मऊ। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान महानगरों से अपने गाँव वापस आए प्रवासियों के लिए जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने निर्देश दिया कि कामगारों के लौटने से पहले उनके प्रधानमंत्री जन आरोग्य कार्ड बना दिया जाये जिससे कि उन्हें और उनके परिवार को भविष्य में गंभीर महँगे इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब तक 1,092 प्रवासी मजदूरों का गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 93,075 परिवार के गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष अभी तक 91,943 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि पूरे देश में योजना से सम्बद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रवासी कामगारों को जल्द से जल्द नजदीक के सीएचसी, कॉमन सर्विस सेंटर पर पहुंचकर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने ने बताया कि कोविड-19 के कारण देश के अलग-अलग शहरों से कामगारों को अपने घर लौटना पड़ा था। अब सरकार प्रवासीयों के लौटने से पहले उनके परिवार को गोल्डन कार्ड मुहैया करा रही है।
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ पी एन दूबे ने बताया कि प्रवासी कामगारों की सूची के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इन प्रवासी कामगारों को कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य के इलाज की सुविधा योजना के पैनल में शामिल अस्पतालों में मिलेगी। वह योजना से संबंद्ध देश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर निःशुल्क इलाज करा सकते हैं। इस योजना के तहत जिला पुरुष व महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पैनल में शामिल किया गया है जहां पर प्रवासी मजदूरों के निःशुल्क गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी कामगारों को गोल्डन कार्ड बनवाना है, वह नजदीक के सीएचसी पर आधार कार्ड व राशन कार्ड के साथ पहुंचकर अपना गोल्डन कार्ड जल्द से जल्द बनवा लें।
कैसे जाने आपका नाम है या नहीं
• निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 पर कॉल करके।
• अपने क्षेत्र की आशा से भी जानकारी ले सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर भी गोल्डेन कार्ड 30 रुपए प्रति कार्ड देकर बनवा सकते हैं।
• अस्पतालों में तैनात आरोग्य मित्रों के द्वारा भी जानकारी ली जा सकती है।
• प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) की वेबसाइट पर जाकर भी चेक किया जा सकता है।

