प्रिय डिप्टी कलेक्टर गौरव कुमार! हम तुम्हारे आभारी हैं …

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@ अरविंद सिं@apnamau8
जी हाँ, गौरव कुमार जी! हम आजमगढ़ के गंगा-जमुनी तहज़ीब के लोग तुम्हारे आभारी हैं. हम आभारी हैं कि तुमने आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी पट्टी के जनवादी और लोक प्रहरियों में एक नई चेतना और एका का संचार करा दिया. तुमने आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, फैजाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद और बनारस के बंटे और बिखरे हुए जन-वादियों को एक मंच पर आने के लिए जमीन तैयार कर दिया. सिविल सोसायटी और सामाजिक कार्यकर्ताओं में जनचेतना, सामाजिक दायित्व और समवेत आवाज़ दे दिया.
सच में गौरव कुमार, हम तुम्हारे हृदय से आभारी हैं कि तुम्हारे बर्बर कार्रवाईयों और तुगलकी फरमानों ने एका कर, लोगो को एक मंच पर आने पर विवश कर दिया है. तमसा के पानी में फिर से नई रवानी ला दिया.
आज 5 अप्रैल का दिन आजमगढ़ के बगावती इतिहास में आप के कारण सदैव जनमानस में याद किया जाएगा. आजमगढ़ के रैदोपुर में सत्य और अहिंसा के सबसे बडे प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे एक बुजुर्ग पत्रकार एसके दत्ता के सवाल पर सभी लोगों ने सत्याग्रह को हथियार बनाया. यह सब आप के कारण ही तो संभव हो सका. इस सत्याग्रह में किसी ने आप को तानाशाह तो किसी ने घमंडी नौकरशाह कहा, तो किसी ने गौरव कुमार को उनकी कायराना हरकतों के कारण गीदड़ कुमार जैसे उपनामों और विशेषणों से नवाजा, इससे सहमत और असहमत हुआ जा सकता है. लेकिन आप के इस उपकार को आजमगढ़ कभी नहीं भूलेगा कि शहर की अवैध और अतिक्रमित इमारतों की तरफ देखने की हिम्मत तक न करने वाला एक ट्रेनी आईएएस अफसर(एसडीएम आजमगढ़)एक बुजुर्ग पत्रकार-जिसने चालीस बरस पत्रकारिता को दिया, उसके अखबार कार्यालय को रात के अंधेरे में जमीदोज़ कर दिया. और इसके विरोध में आजमगढ़ सहित पूर्वांचल में एक लहर पैदा कर दी. योगीराज के इस डिप्टी कलेक्टर को इस बहादुरी के लिए तमगा भी मिलना चाहिए. क्योंकि ऐसे ही अधिकारी और उनके बर्बर कार्रवाईयों से ही तो सत्ता में बैठे सत्ताधारियों और उनके दलों की जड़ों में मट्ठा डाला जाएगा. ऐसे ही अधिकारी, सत्ता परिवर्तन के कारण और आधार तैयार करते हैं. विश्वास न हो तो ऐसे नौकरशाहों को जिले की कमान देकर देख ले योगी सरकार, बर्बरता और अमानवीयता की सारी हदें मिट जाएगीं. क्योंकि ब्रिटिश साम्राज्य की मानसिकता आज भी ऐसी नौकरशाही में है जिसके लिए आम आदमी की औकात आज भी कीड़े मकोड़े से ज्यादा नहीं है.
बधाइयाँ आजमगढ़! बधाईया सिविल सोसाइटी!!


आभार Yashwant Singh जी, आभार विजयनारायण जी, आभार Harishchandra Pandey .
Wasim Akram Akhtar Siddiqui डी. पी. पाण्डेय Kabeer UP Sanjay Singh MYogiAdityanath Mrityunjay Kumar Raghu Thakur Raghwendra Pratap Singh Satish Raghuvanshi Ashutosh Dwivedi

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