नया सफर : हाथी बाले नसीमुद्दीन ने थामा हाथ का साथ
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती के खास रहे, बसपा के हर राजनैतिक निर्णय में भूमिका निभाने बाले, बसपा से निष्कासित राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने महिनों से लग रही तमाम अटकलों को विराम देते हुए आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम लिया। वृहस्पतिवार को यूपी कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई। नसीमुद्दीन के साथ उनके दर्जनों समर्थकों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के शामिल होने के सवाल पर नसीमुद्दीन ने कहा कि देश का विकास कांग्रेस ही कर सकती है। बता दें, बसपा के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरा रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी की कभी पार्टी में तूती बोलती थी। लेकिन पिछले साल मायावती ने पैसों के लेन-देन में घपलों के आरोप में उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद नसीमुद्दीन ने मायावती पर पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाते हुए कई ऑडियो टेप भी जारी किए थे। कांग्रेस का दामन थामने के लिए नसीमुद्दीन अपने समर्थकों के साथ बुधवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी की नसीमुद्दीन से मुलाकात 28 दिसम्बर को हुई थी। जनवरी में हुई दूसरी मुलाकात के बाद बात आगे बढ़ी. इस बीच यूपी कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने जमीनी स्तर की पूरी तैयारी कर ली. पिछले रविवार को राहुल की नसीमुद्दीन सिद्दीकी से मुलाकात के बाद बात आगे बढ़ी। रविवार को हुई मुलाकात में राहुल गांधी और नसीमुद्दीन ने आगे की रणनीति और शामिल होने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। गौरतलब है कि सिद्दीकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों और 2014 लोकसभा चुनाव में बसपा के प्रभारी थे।

