तेरे चुल्लू के पानी को ही मैं ईनार कहता था
देवकली देवलास: एक अद्भुत धार्मिक स्थल फेसबुक पेज पर रविवार, दिनांक 22/11/2020 को कविता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के लिए गाजीपुर के युवा कवि शिव प्रकाश पाण्डेय को आमंत्रित किया गया था । कार्यक्रम के प्रारम्भ में पेज के एडमिन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, प्रयागराज में राजभाषा अधिकारी तथा हिंदी व भोजपुरी के सुप्रसिद्ध कवि देवकान्त पाण्डेय ने आमंत्रित कवि का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया। कवि शिव प्रकाश पाण्डेय ने विभिन्न विषयों पर मुक्तक, दोहे, गीत आदि प्रस्तुत कर खूब वाह वाही बटोरी। “फफोले को नजरअंदाज़ करके फिर तला उंगली, कड़ाही चीख दी, पगला रुको अब हद न कर देना ” पंक्तियों से उन्होंने अपने काव्यपाठ की शुरुआत की । इसके बाद उन्होंने “लगी ठोकर जो पत्थर को तो निकली आह सी वाणी, कहा कि रास्ता बनना, कभी राही न बनना तुम”, “कविता नहीं हकीकत है ये दलहन के दिन गाँव की खेती”, ‘क्या होती है कविता, कविता करती क्या है’ ‘मेरे मटके में था भरपूर पानी छक के पीने भर, तेरे चुल्लू के पानी को ही मैं ईनार कहता था’ तथा ‘प्रेम किया मैंने तुझसे, जो नूतन अविरल रहता है’ आदि कविताएँ सुनाईं जिसकी दर्शकों ने अपने कमेन्ट के माध्यम से बहुत सराहना की । साथ ही उन्होंने देवकली देवलास के इतिहास एवं उसके पौराणिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए पर्यटकों से इस स्थान पर भ्रमण करने का आग्रह किया तथा शासन से यह अपील की कि यहाँ पर पर्यटकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ।

