शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जंयती मनाई गई
मऊ। कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए अतिसंक्षीप्त रूप से और सरकार के निर्देशो का अनुपालन करते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जंयती केनरा बैंक पास मनाई गई। इस अवसर पर भगतसिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री इंतेखाब आलम के कहा कि आजादी के सच्चे नायक और भारत के सच्चे सपूत भगत सिंह एक समतामूलक समरस और सहिष्णु समाज बनाने के लिए गहरी तडप रखते थे इसलिए उनके सपनों का भारत बनाने के लिए हमें संकल्प लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश किसान सभा के वरिष्ठ नेता श्री रामनारायन सिंह ने कहा कि भगत सिंह किसानों मजदूरों और मेहनतकश आवाम की हुकूमत चाहते थे और भगत सिंह के सपनों की मुक्कम्ल आजादी का स्वप्न तभी पूरा होगा जब सच्चे अर्थों में किसानो मजदूरों की सरकार होगी। घोसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष और कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष श्री काजी मोश्फ्फे जमाल उर्फ चन्दु भाई ने कहा कि भगत सिंह ने महज तेईस साल की उम्र में दुनिया तमाम सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं पर लिखि पुस्तकें पढ डाली और वह उच्चकोटि के दार्शनिक और विचारक थे। किसान सभा के जिलामंत्री हाजी गुफरान ने कहा कि जलियांवालाबाग हत्याकांड ने भगत सिंह को क्रांतिकारी बना दिया और ब्रिटिश साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त करने के संकल्प के साथ स्वाधीनता-संग्राम में कूद पड़े। जिला पंचायत सदस्य श्री सुबाष यदुवंशी ने कहा कि भगत सिंह का व्यक्तित्व और विचार आज भी प्रासंगिक है सिद्धांतहीनता विचारहीनता की तरह अग्रसर होती राजनीति में भगत सिंह के विचारो से नई रोशनी मिल सकती है। प्रवक्ता मनोज कुमार सिंह ने कहा कि भगत सिंह ने महात्मा गांधी द्वारा संचालित असहयोग आन्दोलन को स्थगित करने के बाद ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतिरोध की मशाल प्रखरता से सविनय अवज्ञा आंदोलन के आरम्भ होने तक जलाये रक्खी।
इस अवसर पर विद्वान शिक्षक श्री हरेन्द्र चौरसिया,सी पी आई नेता अनीस अहमद सम्पत मौर्या उदयी राय लल्लन सिंह युवा नेता सुधाकर यादव बसपा नेता ओमप्रकाश भारती अखिलेश सिंह अमित कुमार सिंह एक राम छेदी भाई श्रवण कुमार ने विचार व्यक्त किये और भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

