किसान बिल का विरोध सोनिया की साजिश : गोपाल राय
■ किसान बिल का विरोध राजनीति में असफल रहे राहुल-प्रियंका को स्थापित करने का अंतिम हथियार
राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी सुप्रीमो गोपाल राय ने हाल ही में संसद से पास हुए किसान बिल के विरोध के पीछे कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का हाथ बताते हुए कहा है कि किसान बिल का विरोध राजनीति से प्रेरित है ताकि सोनिया गांधी राजनीति में असफल रहे अपने दोनों बच्चों को फिर से स्थापित कर सकें।मोदी सरकार ने जब यह अध्यादेश लाया था तब ही मैंने यह कहा था कि भारत एक मजबूत राष्ट्र बनने के दरवाजे पर खड़ा है और यह अध्यादेश भारत के किसानों के तरक्की के सारे रास्ते खोल देगा और अब संसद से पास होकर राष्ट्रपति जी का मोहर लगते ही कानून का शक्ल ले लेगा।
श्री राय ने प्रधानमंत्री मोदी को इस अति महत्वपूर्ण बिल के पास होने पर बधाई देते हुए कहा कि मोदी एक अवतारी पुरुष हैं जो इस देश के हर समस्या का हल करने के लिए ही सत्ता में आए हैं मगर सोनिया गांधी की राजनीतिक महत्वकांशा के कारण कांग्रेस द्वारा किसानों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है जबकि बार बार प्रधानमंत्री जी देश के किसानों से अपील कर रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की नीतियां जारी रहेगी उसे नहीं हटाया जा रहा है।फिर भी कांग्रेस समर्थित भारतीय किसान यूनियनों द्वारा किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने किसान बिल के फायदों के बारे में बताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि वन कंट्री वन मार्किट की पालिसी बिल्कुल सही है अब किसान कहीं भी बेझिझक अपनी फसल ऊंचे दामों में कहीं भी बेंच सकते हैं क्योंकि फसल खरीदारों के बीच एक प्रतियोगिता की भावना होगी और इसका सीधा लाभ किसानों को ही मिलेगा हाँ,आढ़तियों और बिचौलियों को जरूर नुकसान होगा जो किसानों के फसलों को निम्न स्तर का बताकर उनका शोषण करते थे।वैसे भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के लाभार्थी मात्र 6% किसान हैं बाकी के लोग अपने अपने तरीके से ही फसल बेचते हैं मगर फिर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रथा जारी रहेगी जिस किसान को जहां भी अपनी फसल बेचना हो बेच सकते हैं इसके लिए किसान पूरी तरह से आजाद हैं।

