दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों की कार्यवाही के लेखा जोखा से डीएम ने जताया असंतोष
मऊ। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि की जिलास्तरीय कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। जिसमें वी0के0 पाण्डेय, सहायक आयुक्त (खाद्य), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, आजमगढ़ मण्डल, आजमगढ़ द्वारा दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थ पर विगत वर्ष में की गयी कार्यवाही का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया, इसके साथ ही अग्रिम कार्ययोजना प्रस्तुत की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा गत कार्यवाही पर असंतोष जताते हुये विस्तृत चर्चा किया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को उप जिलाधिकारियों के पर्यवेक्षण में खाद्य पदार्थ एवं दूग्ध पदार्थ के नमूनों की संख्या बढाने पर जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने किसी भी सूरत में व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं करने का निर्देश दिया। औषधि निरीक्षक को विशेष निर्देश देते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्थित सभी थोक व फुटकर औषधि दूकानों का निरीक्षण करते हुये मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। दुकानों पर निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाय कि उचित केमिश्ट द्वारा निर्धारित वेश भुषा एवं परिचय पत्र सहित चिकित्सक की पर्ची पर ही औषधियों का विक्रय करें। इसके साथ ही उन्होंने जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पैक्ड खाद्य सामग्रियों, मिठाई की दूकानों व छोटी बड़ी सभी विनिर्माण इकाईयों पर निरीक्षण करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर को निर्देशित किया गया कि शहर क्षेत्रों में दुग्ध एवं खोवा तथा मिठाई की सेम्पलिंग करायें तथा उसकी जांच कराकर कठोर कार्यवाही कराये। जनपद में साप्ताहिक जांच कर अधिक से अधिक सेम्पलिंग कराने के निर्देश दिये गये साथ यह भी निर्देश दिये गये कि किसी भी दुकानदार को बेवजह परेशान नहीं किया जाये, तथा जो मानक निर्धारित है उसके अनुसार ही कार्यवाही करेगें। उन्होने बताया कि बेसन, पैकेट बन्द नमकीन, तेल, मैगी सहित खाने-पिने से संबंधित सभी सामग्री की सेम्पलिंग कर जांच के लिए भिजवाने के निर्देश दिये। किसी भी दशा में मिलावटी सामग्री का विक्री नहीं होना चाहिए। इसीक्रम में मेडिकल स्टोरों के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं पर भी जांच के निर्देश दिये गये। उन्होने ने कहा कि मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उसके योग्यता की भी जांच करें यदि फर्जी पाया जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द किये जाने की कार्यवाही की जाये। बैठक के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, आजमगढ़ मण्डल, आजमगढ़ वी0के0 पाण्डेय ने आकड़े प्रस्तुत करते हुये बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान दूध पर 96 छापे मारते हुये 99 नमूनंे संग्रहित किये गये। इस दौरान अधोमानक पाये गये 73 नमूनों व असुरक्षित पाये गये 04 नमूनों के सापेक्ष में अपर जिलाधिकारी न्यायालय में 47 वाद दायर किये गये, जिसमें सम्बन्धित न्यायालय द्वारा रू0 622000 अधिरोपित किया गया। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में अबतक 18 नमूनों में 03 नमूनें अधोमानक पाये गये। इस वर्ष अबतक अपर जिलाधिकारी न्यायालय में 22 वाद दायर किये गये, जिसमें अबतक रू0 140000 अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। इसके साथ ही अन्य खाद्य पदार्थो पर गत वर्ष 286 छापे मारकर कुल 300 नमूनें संग्रहित किये गये। अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दायर वाद 209 के सापेक्ष में रू0 4274000 अर्थदण्ड अभिरोपित किये गये। वहीं वर्तमान सत्र मंे 43 छापे, 46 नमूनों के सापेक्ष में 37 वाद दायर कर रू0 812000 अर्थदण्ड अधिरोपित किये गये। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं ड्रग्स अधिकारी द्वारा जनपद में कम सेम्पलिंग किये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी।
उक्त अवसर पर अभिहित अधिकारी एस0के0 त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर0के0 दीक्षित, औषधि निरीक्षक अरविन्द कुमार, दूग्ध विकास अधिकारी, आई0एम0ए0 अध्यक्ष डा0 पी0एल0 गुप्ता, शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह, समस्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी, दवा व्यापार वेलफेयर अध्यक्ष शिवजी राय व महामंत्री प्रवीण पाण्डेय, व्यापार मण्डल अध्यक्ष डा0 रामगोपाल, उपभोक्ता प्रतिनिधि श्रीराम जायसवाल व राकेश कुमार तिवारी, महिला ग्रामोद्योग सेवा संस्थान संजय कुमार मिश्रा सहित भावेश सिंह, नरेश कुमाार, आबिद अख्तर, इत्यादि उपस्थित रहे।

