पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बजाना है, हमें अपनी जड़ों को सूखने से बचाना है

आजादी के 75 साल पूरे होने की खुशी में पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मनाने जा रहा है इसी खुशी में हम भी एक छोटा सा प्रयास करने जा रहे है जिसमें विलुप्त होते हमारे पारंपरिक वाद्य यंत्रों को विलुप्त होने से बचने के लिए एक पहल शुरू कर रहे हैं। जिसमें अलग-अलग हमारे पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बजाया जाएगा ताकि हमारी युवा पीढ़ी उन वाद्य यंत्रों के बारे में और बारीकी से जान सकें। कहते हैं कि पुरानी चीजों में परिवर्तन करने से ही कोई नई चीज का अविष्कार होता है मगर इसके लिए हमें हमारी जड़ों को मजबूती से पकड़कर रखना होगा। ऐसा ही हमारा प्रयास है कि हम अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों से जुड़ सकें ताकि उन्हें किताबों में हमें न ढूंढना पढ़े। उनकी धुने हमारे कानों में हमेशा घुलती रहे।
इस प्रयास में आप भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा पारंपरिक वाद्य यंत्रों को एक मंच पर लाने का एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया जाएगा इसमें शामिल होने वालों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
- जो भी पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते है वो लोग अपनी एक मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग हमें भेज सकते हैं।
- जब आप वीडियो रिकॉर्डिंग करें उसमें अपना नाम, पता, कौन सा वाद्य यंत्र बजा रहे हैं और धुन का नाम जरूर बताएं फिर धुन बजाना शुरू करें।
- जितने भी लोग इसमें सहयोग करेंगे उन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
- हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है इसलिए हम केवल 75 अलग-अलग वाद्य यंत्रों को ही शामिल करेंगे। एक ही वाद्य यंत्रों की यदि एक से ज्यादा वीडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त होती है तो उसमें से जो सबसे अच्छी विडियो रिकॉर्डिंग होगी उसे ही शामिल किया जाएगा।
- वीडियो रिकॉर्डिंग भेजने की अंतिम तिथि है 10 अगस्त 2022 ।
आप अपनी वीडियो रिकॉर्डिंग हमें मो.नं. 9372383874 पर व्हाट्सएप कर सकते है।
धन्यवाद
वर्षा गलपांडे





