राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने का सांसद राजीव राय की माँग
@आनन्द कुमार
घोसी लोकसभा के सांसद राजीव राय ने केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को एक पत्र लिखकर राजनीति में चौका लगाने का प्रयास किया है। राजीव राय के पत्र के प्रतिउत्तर में केंद्रीय मंत्री ने सम्बंधित विभाग को उचित कार्रवाई हेतु पत्र भेजने की बात तो की है। अब आगे क्या होता है यह तो भविष्य की बात है लेकिन यह सत्य है की अब सपा सांसद के इस पहल पर राजनीति की सियासत तेज होगी! क्योंकि जहां सुभासपा को यह लगेगा की यह तो मेरी सियासत पर चोट है वहीं इसे सपा भुनाने का काम करेगी! वैसे सूत्रों की मानें तो सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर, राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने व कई अन्य शर्त के साथ पहली बार भाजपा से गठबंधन किए थे, दोस्ती टूटती व बिगड़ती व बनती रही और वर्तमान में राजग के हिस्से में हैं लेकिन अपने समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा न दिला पाए!
ऐसे में शांत पड़े मुद्दे को राजीव राय ने हवा देकर कई नेताओं की हवा बिगाड़ने की कोशिश की है! एक अलग समाज का होने के बाद राजीव राय की राजभर समाज की चिंता, राजनीति में चिंताजनक स्थिति हो सकती है। क्योंकि यहां श्रेय की राजनीति होगी और बहुतेरे को यह रास नहीं आएगा!
सपा सांसद राजीव राय ने चुनाव के दौरान किए हुए अपने सभी वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता के क्रम में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को संबोधित पत्र में भर/राजभर समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का अनुरोध किया था, इसके प्रति उत्तर में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने पत्र का संज्ञान लेते हुए घोसी सांसद राजीव राय को दिनांक 21-04-2025 को पत्र के माध्यम से जवाब भेजा है। केंद्रीय मंत्री ने सांसद राजीव राय को संबोधित पत्र के माध्यम से बताया कि आपके पत्र को सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय को उचित कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। घोसी सांसद राजीव राय के इस प्रयास ने जातिगत आधार पर राजनीति करने वाले उन नेताओं को करारा जवाब दिया है जो पूरे लोकसभा चुनाव में घूम कर राजीव राय को पिछड़े और दलितों का विरोधी बताने में जी जान से जुटे थे। आपको बताते चलें राजीव राय घोसी लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद से ही अनवरत रूप से क्षेत्र की समस्याओं को मुखरता से सदन से लेकर संबंधित मंत्रालयों तक लगातार उठा रहे हैं । उसी कड़ी में भर/राजभर समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के प्रयास ने दर्शा दिया कि राजीव राय सभी वर्ग की लड़ाई समान भाव से लड़ रहे हैं, सबके हक और सम्मान की लड़ाई को घोसी सांसद पूरी तन्मयता से अंतिम रूप देने में जुटे हैं । राजीव राय के इस प्रयास से भर/राजभर समुदाय में उम्मीद की किरण जगी है।



