सिद्धेश्वर की गजल : जुबाँ खामोश थी तो क्या
♦️ शायर : सिद्धेश्वर…
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लुटा उल्फ़त की दुनिया भी न अपने हाथ कुछ आया l
हमारी ज़िंदगी को ही न लफ़्ज़ ए प्यार है भाया ll
ज़ुबां ख़ामोश थी तो क्या ,निगाहों में तो लिक्खा था ,
तो क्यों इज़हार ए उल्फ़त की, न तहरीरें वो पढ़ पाया ?
मिले हैं इश्क़ में हमको फ़क़त ग़म,अश्क और आहें
बिछे थे ख़ार पथ में और गुलाबों की न थी छाया ll
दिखे किरदार दुनिया में द्वेष , नफ़रत व ईर्ष्या के
था जिगरी दोस्त जो अपना उसी का वार है खाया ll
सवालों से ही हर पन्ना भरा , इस ज़िंदगी का है
जवाब उनका ही पाने को सनम तेरे करीब आया ll
हक़ीक़त वक़्त ए रुख़्सत पर समझ ‘सिद्धेश’ को आई
जो दिखता रूप,धन,यौवन वो है ईश्वर की बस माया ll
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♦️ शायर : सिद्धेश्वर
🔷 संपादन : मंजू सक्सेना
🔷♦️जीवन परिचय –
नाम : सिद्धेश्वर
जन्म-तिथि : 20 /06/ 1959
जन्म-स्थान : पटना
शिक्षा : स्नातक ( विशिष्टता के साथ )
सम्प्रति : अवकाश प्राप्त उप मुख्य टिकट निरीक्षक
( पूर्व मध्य रेल)
🔷 कई पत्रिकाओं / पुस्तकों का संपादन एवं ” सोच विचार “(मासिक ) पत्रिका का बिहार ब्यूरो चीफ !
प्रकाशित कृतियाँ : बूंद बूंद सागर ( लघुकथा संग्रह ) /इतिहास झूठ बोलता है ( कविता संग्रह )/ / भीतर का सच ( लघुकथा संग्रह ) / ढलता सूरज ढलती शाम ( कहानी संग्रह)/सोने के पंख ( बाल कथा संग्रह ) / दहशतजदा (उपन्यास अंश ) प्रकाशित एवं पुरस्कृत / दो पुस्तक प्रकाशनाधीन l
सम्मान व पुरस्कार :…….”सारिका “द्वारा सर्वभाषा लघुकथा प्रतियोगिता में पुरस्कृत / भारत सरकार द्वारा प्रेमचंद सम्मान और मैथिलीशरण गुप्त सम्मान प्राप्त / बिहार सरकार द्वारा रेणु पुरस्कार प्राप्त / ” वर्तमान साहित्य ” द्वारा श्री कृष्ण प्रताप स्मृति सम्मान में कहानी पुरस्कृत / तथा कई चित्र पेंटिंग पुरस्कृत !♦️ ♦️उपलब्धियाँ*-‘कथा दर्पण साहित्य मंच’ द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय लघुकथा प्रतियोगिता’ में पुरस्कृत |
🔶🔷♦️ पत्राचार सम्पूर्ण : [] सिद्धेश्वर [0 संपर्क: ” सिद्धेश सदन “(किड्स कार्मेल स्कूल के बाऐ ), द्वारिकापुरी, रोड नंबर :2, पोस्ट :बीएचसी, हनुमान नगर, कंकड़बाग, पटना:800026( बिहार)
दूरभाष : 9234760365
ई-मेल :[email protected]
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♦️ नाम- सिद्धेश्वर
जन्म तारीख – 20/06/1958
शिक्षा- स्नातक (विशिष्टता के साथ )
संप्रति – अवकाश प्राप्त ( उप मुख्य टिकट परीक्षक/ पूर्व मध्य रेल )
रुचियाँ- फोटोग्राफी, चित्रकला, संगीत आदि |
देश भर की सभी प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं में 1000 से अधिक रेखाचित्र, कलाकृति प्रकाशित l
♦️लेखन की विधा – कविता, लघुकथा, कहानी, आलेख, डायरीनामा, बाल कहानी, बाल कविता आदि l
♦️ प्रकाशन – लघु एवं राष्ट्रीय स्तर की 500 से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में, 1000 से अधिक विविध रचनाएँ प्रकाशित |
♦️विशेष सम्मान —— “सारिका “द्वारा सर्वभाषा लघुकथा प्रतियोगिता में पुरस्कृत / भारत सरकार द्वारा प्रेमचंद सम्मान और मैथिलीशरण गुप्त सम्मान प्राप्त / बिहार सरकार द्वारा रेणु पुरस्कार प्राप्त / ” वर्तमान साहित्य ” द्वारा श्री कृष्ण प्रताप स्मृति सम्मान में कहानी पुरस्कृत / तथा कई चित्र पेंटिंग पुरस्कृत !♦️ ♦️उपलब्धियाँ*-‘कथा दर्पण साहित्य मंच’ द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय लघुकथा प्रतियोगिता’ में पुरस्कृत |
♦️ बूंद बूंद सागर ( लघुकथा संग्रह ) /इतिहास झूठ बोलता है ( कविता संग्रह )/ / भीतर का सच ( लघुकथा संग्रह ) / ढलता सूरज ढलती शाम ( कहानी संग्रह)/सोने के पंख ( बाल कथा संग्रह ) / दहशतजदा (उपन्यास अंश ) प्रकाशित एवं पुरस्कृत / दो पुस्तक प्रकाशनाधीन ///
♦️ कई पत्रिकाओं / पुस्तकों का संपादन एवं ” सोच विचार “(मासिक ) पत्रिका का बिहार ब्यूरो चीफ !
♦️मोबाइल :9234760365
📘[] सिद्धेश्वर [0 संपर्क: ” सिद्धेश सदन “(किड्स कार्मेल स्कूल के बाऐ ), द्वारिकापुरी, रोड नंबर :2, पोस्ट :बीएचसी, हनुमान नगर, कंकड़बाग, पटना:800026( बिहार) मोबाइल न: 923 4760335
0 ई-मेल: [email protected]
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