मिसाल-ए-मऊ

मऊ की श्रेया एमबीबीएस एमडी, रेडियोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा में बीएचयू में टॉप

( आनन्द कुमार )

मऊ। बच्चों के वरिष्ठ चिकित्सक डा. एस.के. सिंह की बिटिया डा. श्रेया सिंह ने आईएमएस बीएचयू से रेडियोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा विभाग, चिकित्सा संकाय, विभाग में जूनियर रेजिडेंट में 70.75 प्रतिशत के साथ एम.डी. उत्तीर्ण कर अपने संकाय में बीएचयू टॉप किया है। उसके इस सफलता पर कालेज कैम्पस सहित छात्र-छात्राओं एवं परिजनों में काफी हर्ष है। शुरू से ही मेघावी डॉक्टर श्रेया सिंह अपने पिता के दिखाए रास्ते पर चलकर चिकित्सक बनने का सपना देखा था और उसने इस मुकाम के लिए कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। जीवन का एक ही मकसद की चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे मंजिल को पाना, जहां पर जाने के बाद अपने चिकित्सा सेवा की बदौलत समाज को कुछ बेहतर कर गुजरने की जज्बा हो, इसी उद्देश्य और जुनून के साथ श्रेया ने सिर्फ और सिर्फ अपने मंजिल को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ती रही।

सनबीम इंग्लिश स्कूल भगवानपुर वाराणसी से हाई स्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद श्रेया का दाखिला एमबीबीएस के लिए बीएचयू में हो गया, फिर क्या था बीएचयू में एडमिशन होने के बाद होनहार बेटी के मानों सपनों को पंख लग गये। हर टापर और पढ़ाई के होनहार के लिए बीएचयू के मंदिर में प्रवेश मिल जाए तो मानो भगवान मिल गये। श्रेया बीएचयू से एमबीबीएस में गोल्ड मेडलिस्ट सम्मान से नवाजी जा चुकी है। इसके बाद एमबीबीएस एमडी की पढ़ाई के दौरान Junior Resident in Department of Department of Radiotherapy and Radiation Medicine, Faculty of Medicine, IMS, BHU में श्रेया ने बीएचयू टॉप कर मऊ, वाराणसी के साथ-साथ बीएचयू का नाम रोशन किया है। श्रेया आज की सबसे बड़ी गंभीर रोग कैंसर के रोगियों का इलाज करेगी।
डा. श्रेया ने इस सफलता का श्रेय अपने पिता डॉक्टर एसके सिंह व माता डा. नीलम सिंह सहित गुरूजनों व परिजनों तथा मित्रों को दिया तथा कहा कि मेरी मां हाऊस वाइफ हैं लेकिन सदैव हमें प्रेरणा देती हैं। पिता ने लक्ष्य और मंजिल के प्रति हमेशा प्रोत्साहित किया।
श्रीमती गीता मिश्रा, श्रीमती पूनम गुप्ता, श्रीमती सविता त्रिपाठी, डा. कुसुम वर्मा, डा. प्रतिमा सिंह, श्रीमती मीना लाल, श्रीमती अंजू द्विवेदी, श्रीमती नीलिमा राय, श्रीमती ज्योति सिंह आदि ने बधाई दिया है।

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