सोशल मीडिया पर शासन को मुंह चिढ़ाता मऊ की सड़क, बेखबर प्रशासन
( आनन्द कुमार )

वैसे तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की गड्ढा मुक्त सड़क का दावा की बात करना अब भी पुराना हो गया अब सरकार कि कार्यकाल का कुछ महीना से बचा है ऐसे में बहुतेरे सड़के तो नहीं बन पाई लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही से ऐसे सड़कों के दिन अब तक नहीं लौट पाए हैं। अति पिछड़े क्षेत्र कुसमौर, इटौरा, सलाहाबाद इलाकों में वैज्ञानिकों के लिए अनुसंधान केन्द्र व जेल के निर्माण के बाद विकास पुरूष स्व. कल्पनाथ राय ने इस क्षेत्र के विकास की जो सुधि ली और सपना देखा, वर्तमान में उनके सपनों पर जिला प्रशासन की ओर से आंख मूंद कर पलिता लगाया जा रहा है। वे वैज्ञानिक क्या सोचते होंगे की वे विश्वस्तरीय संस्थान से जुड़े तो हैं लेकिन सुख सुविधा के नाम पर प्रशासन आंख मूंदे हुए है।

सोशल मीडिया के फेसबुक पेज पर मऊ जनपद के निवासी वीरेन्द्र चौहान एक सड़क की फोटो लगाते हुए लिखते हैं, ये है हमारे जनपद मऊ का सलाहाबाद- सरसेना रोड जिस पर भारत देश के कृषि वैज्ञानिक एनबीएआईएम व डीएसआर में रहते हैं एवं इसी सड़क पर जिला कारागार स्थित है जिसमें कैदी और जेल कर्मी दोनों रहते हैं। जिस पर जनपद के विशिष्ट अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है और इस रोड से सौ गांव के हजारों किसानों का जनपद पर आना जाना रहता है। आये दिन लोग सड़क से बने इस पोखरे मे चोटिल होने को विवश हैं। ऐसे ऐसे न जाने कितने पोखरे इस सड़क पर मौजुद हैं और यह हमारी उप्र सरकार की गड्ढा मुक्त सड़क योजना को आइना दिखा रही है। यह विशालकाय पोखरा इटौरा बाजार में बना हुआ है।
एक दूसरे पोस्ट में वीरेन्द्र चौहान शासन प्रशासन की चुटकी लेते हुए लिखते हैं, इटौरा बाजार में लोक निर्माण विभाग के सड़क पर बना पोखरा मत्स्य पालन के लिए निलामी के लिए तैयार है। कृपया शासन में सम्पर्क करें। इस सड़क के दुरुस्ती करण के लिए क्षेत्र की जनता का सहयोग चाहिए। जिससे आंदोलन खडा़ हो सके।






