क्षेत्र में रोडवेज की बसों का संचालन बन्द होने से यात्री कर रहे परेशानियो का सामना

@रामप्रवेश यादव कोईरियापार से…
कोईरियापार/मऊ। क्षेत्र में रोडवेज की बसों का संचालन बन्द होने से यात्रियों कै परेशानियों का सामना कर रहे है। क्योंकि डग्गामार वाहन यात्रियों से एक तरफ मनमाना किराया वसूल रहे है। तो वहीं दूसरी तरफ ओवर लोड यात्रियों को वाहन में बैठाकर जान जोखिम में डाल रहे है। जिससे कभी भी बड़े हादसे का शिकार यात्री होने को विवश है। इसके बाद भी क्षेत्र के भातकोल कोपागंज मुख्य मार्ग पर एआरटीओ की नजर नही पड़ती है। जिससे यात्री जन व धन दोनों की क्षति उठाने को विवश है।
क्षेत्र राजविजय यादव का कहना है कि कई दशक पूर्व स्वर्गीय कल्पनाथ राय के गांव सेमरी जमालपुर से कोपागंज, धवरियासाथ, कोईरियापार भातकोल, मुहम्मदाबाद गोहना होते हुए आजमगढ़ जनपद के लिए रोडवेज की दो बसे चलाई जाती थी।
लेकिन इन बसों का संचालन बन्द होने से यात्रियों को
काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है।इसके बाद भी विभाग मूक दर्शक बना हुआ है।
क्षेत्रीय डॉ रामाश्रय यादव का कहना है कि क्षेत्र में समुचित रूप से वाहनों के न मिल पाने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है। वही रोडवेज की बसों का संचालन बन्द होने से क्षेत्रीय यात्रियों में काफी आक्रोश व्याप्त है।क्योकि जब क्षेत्र में दो रोडवेज की बसे चलती थी।तो उस समय डग्गामार वाहन इस मुख्य मार्ग पर कम चलते थे।लेकिन अब रोडवेज की बसों के बन्द होने से डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे है।इसके बाद भी विभाग कोई ध्यान नही दे रहा है।
क्षेत्रीय मनोज कुमार का कहना है कि क्षेत्र में रोडवेज की बसों का संचालन करने के लिए कई जनप्रतिनियो व प्रशासनिक अधिकारियो को अवगत कराया गया।लेकिन आज तक बसों का संचालन नही कराया जा सका है।जिससे यात्रियों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रीय सरफराज का कहना है कि भातकोल कोपागंज मुख्य मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन बन्द होने से यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।
वैसे तो शासन से लेकर प्रशासन ग्रामीणों को सुगम रास्ता और शुगम जीवन जीने के लिए तरह-तरह की योजनाओं को देने के लिए अपनी कटिबद्धता और योजनाओं को गिनाती है। लेकिन किसी गांव को शहर से जुड़ने के लिए जो सबसे ज्यादा जरूरी यातायात का संसाधन होता है। ऐसे में गांव और शहर का यातायात का रिश्ता वर्तमान में डग्गामार वाहनों की बदौलत ही शेष है ना तो किसी जनप्रतिनिधि का इस ओर ध्यान है और ना ही शासन प्रशासन का ऐसे में जनता परेशान हाल मजबूर होकर जो भी साधन मिलता है उस से यात्रा करती हैं।

