अपना जिलाखास-मेहमान

भावी समय आर्थिक रुप से चुनौती पूर्ण

(प्रदीप कुमार पाण्डेय)

आने वाला कल, हमें आर्थिक चुनौतियों के दौर में ले जाने वाला है। हममें से बहुत से लोगों का रोजगार चला गया होगा या जा सकता है! वेतन कम हो गया होगा या हो सकता है! हमें यह याद रखना है कि इस हालात के जिम्मेदार हम स्वयं नहीं हैं। हम ख़ुद को दोष न दें, न हार या अपमानित महसूस करें, रास्ता नज़र नहीं आ रहा है लेकिन हिम्मत नहीं हारना है। धन या संसाधन कम से कम खर्च करने का प्रयास करना है। अपनी मानसिक परेशानियों को लेकर अकेले रहने से बचना होगा, बुरे विचारों से बचना होगा, अपनी भाषा या सोच ख़राब होने से बचाना होगा। इस बुरी परिस्थिति से लगभग हर लोग प्रभावित हैं । धीरे धीरे खुद को पहाड़ काट कर नया रास्ता बनाने के लिए तैयार करने की आवश्यकता है। कुछ न कुछ हो जाएगा, हमें तो हर हाल में जीना है, कल के लिए।
जिंदगी परिवर्तनों से ही बनी है, किसी भी परिवर्तन से न घबरा कर उसे स्वीकार करना है! कुछ परिवर्तन हमें सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगें!!
सरल रुप में समझें तो हम साँप सीढ़ी खेल रहे थे, ९९ पर साँप ने काट लिया है, लेकिन हम खेल से बाहर नहीं हुए हैं। क्या पता कब सीढ़ी मिल जाए फिर जिंदगी के खेल में हम आगे बढ़ जायें।
थोड़े दिन झटके लगेंगे, उदासी रहेगी। लेकिन अब अच्छा वक्त आ गया है जो होगा देखा जाएगा, यह सोच कर रोज़ नींद से जागना है…!!
एक दुसरे का साथ और हिम्मत बनाये रखना है।

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