लाकडाउन में अपराधियों ने बेखौफ़ होकर नाई समाज के लोगों पर किया अत्याचार : राजमणि शर्मा
■ सांकेतिक विरोध स्वरूप राष्ट्रीय नाई महासभा के पदाधिकारियों ने अपने-अपने घरों पर ही दिया धरना
■ प्राथमिकता में रखा शारीरिक दूरी का ख्याल
मऊ। सामाजिक संगठन “राष्ट्रीय नाई महासभा” के आह्वान पर वृहस्पतिवार को संगठन के पदाधिकारियों ने लाकडाउन व सोसल-डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने-अपने घरों में धरना दिया। सांकेतिक विरोध स्वरूप यह कार्यक्रम नाई समाज पर हो रहे अत्याचार के विरुद्ध रहा।
संगठन के उत्तर प्रदेशीय प्रधान संरक्षक राजमणि शर्मा ने कहा कि विगत् कुछ महीनों खासकर चल रहे लाकडाउन की अवधि में प्रदेश के नाई समाज पर अत्याचार का ग्राफ बढ़ा है। इससे आक्रोशित विरोध स्वरूप समाज के लोगों ने वृहस्पतिवर को अपने-अपने घरों में लाकडाउन [शारीरिक दूरी] का पालन करते हुए घरना दिया है। जिले के घोसी कोतवाली अंतर्गत् अपने आवास पर उन्होंने ख़ुद दो घंटे तक धरना दिया। शासन-प्रशासन से मांग किया कि नाई समाज पर बेखौफ़ हो रहे जुर्म-ज्यादती, अपराध को प्रभावी तरीके से रोका जाए, अन्यथा की स्थिति में वक्त आने पर जबरदस्त आंदोलन होना तय है। तब उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उन्होंने बताया कि कासगंज जिले के सोरों कोतवाली अंतर्गत् होडलपुर गांव निवासिनी अपने परिवार की महज़ एकल सदस्य एक बेवा वृद्ध महिला ‘ ज्ञानमती ‘ की तमंचा से निर्मम हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि उक्त घटना को अंजाम देने वाला गांव का ही, एक विकलांग व्यक्ति है। दूसरी घटना फतेहपुर जिले की है। वहां नाई समाज के एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ बलात्कार करने के बाद अपराधियों ने उसे जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। तीसरी घटना भी फतेहपुर की ही है। जिला मुख्यालय शहर के तांबेश्वर चौक पर वर्षों पहले से स्थापित जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा को रातोंरात अराजक तत्वों ने ग़ायब कर दिया। उधर, बांका के अमरपुर थानांतर्गत मैनवा नवाटोलिया गांव निवासी दिनेश ठाकुर की गांव के ही दबंगों हत्या कर दी। उसका कसूर महज़ यही था कि, वह लाकडाउन का गाइडलाइन के अनुसार पूर्णरूपेण पालन कर रहा था, और दबंगों के दाढ़ी-बाल बनाने संबंधी हुक्म को मानने से इंकार करते हुए उनकी दाढ़ी-बाल नहीं बनाई। इससे खुन्नस खाए अपराधियों ने उक्त नाई की पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी।
कहा कि प्रदेश भर में दहशतगर्दों द्वारा आए दिन नाई समाज के लोगों का शोषण-उत्पीड़न किया जा रहा है। इसी क्रम में अपराधियों द्वारा बेखौफ़ होकर उक्त अपराधों को अंजाम दिया गया। उन्होंने शासन-प्रशासन से नाई समाज के लोगों की सुरक्षा, और हित संबंधी प्रभावी रुख अपनाए जाने की मांग किया।

