MAU के डॉ0 शर्वेश पाण्डेय को महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान
हिन्दुस्तानी एकेडेमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की तरफ से डॉ0 शर्वेश पाण्डेय की पुस्तक “हिन्दी भाषा के आयाम” को महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान से सम्मानित किया गया है, जिसमें प्रशस्तिपत्र के साथ दो लाख रुपये भी दिए जाएँगे। यह सम्मान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिया जाएगा। इस पुरस्कार की घोषणा हिन्दुस्तानी एकेडेमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ0 उदय प्रताप सिंह ने प्रयागराज में की।
डॉ0 शर्वेश पाण्डेय
एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी
डीसीएस खण्डेलवाल पीजी कॉलेज, मऊ
विशेषज्ञः हिन्दी भाषा विज्ञान एवं प्रयोजनमूलक हिन्दी।
भाषा विज्ञान की पुस्तकेंः
1.अनुवादः एक परिचय 2004
- प्रयोजनमूलक हिन्दी 2005
- हिन्दी भाषा की संरचना 2007
- हिन्दी भाषा 2017
- हिन्दी भाषा के आयाम 2019
आलोचना:
- आलोचना का संस्कृति विमर्श
- अकथ
संपादन:
- कहानी सुधा (बी0ए0 2)
- प्राचीन काव्य (बी0ए0 1)
- प्राचीन काव्य (एम0ए01)
- मेड बाई इण्डिया।
- पं0 दीनदयाल उपाध्याय और प्रजातंत्र।
हिन्दी भाषा के आयाम:
- इसमें एक महत्त्वपूर्ण स्थापना है कि हिन्दी भाषा में पदों का क्रम निश्चित नहीं होता है, जबकि अबतक यह माना जाता है कि हिन्दी में पदों का क्रम निश्चित होता है।
यह स्थापना तथ्य और तर्क पर आधारित है। - प्रथम अध्याय में हिन्दी भाषा में शून्य प्रत्यय के महत्त्व की विस्तार से चर्चा की गई है।
- हिन्दी भाषा की शब्द परम्परा का गहन विश्लेषण किया गया है।
- इस पुस्तक में हिन्दी भाषा की कारकीय व्यवस्था का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। इसमें यह स्थापित किया गया है कि कविता में व्याकरण के नियम और अधिक महत्त्व होता है। व्याकरण की थोड़ी सी शिथिलता कविता के अर्थ का अनर्थ कर देती है। हिंदी में कारकों के महत्त्व को इसमें अच्छे से समझाया गया है।
- इस पुस्तक में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के भाषा चिंतन पर एक महत्त्वपूर्ण विश्लेषण किया गया है।
यह महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार मूलतः हिन्दी भाषा में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है। डॉ0 शर्वेश पाण्डेय पिछले 25 वर्ष से हिन्दी भाषा में काम कर रहे हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा में कई महत्त्वपूर्ण स्थापनाएँ की हैं। डॉ0 पाण्डेय ने स्थानीय डीएवी इण्टर कालेज से इण्टर करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया। तत्पश्चात दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम0ए0, एम0फिल0 और पी-एच0डी0 किया है।
डॉ0 शर्वेश पाण्डेय ने “हिन्दी की स्वनिम-व्यवस्था” विषय पर एम0फिल0 में लधु शोध प्रबंध लिखा है और “मानक हिन्दी का संरचनात्मक-विश्लेषण” विषय पर पी-एच0डी0 में शोध प्रबंध लिखा है।

