सरकार शिक्षकों के प्रति असंवेदनहीन हो गई है : जय नारायण द्विवेदी

मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के आवाहन पर जिला विद्यालय निरीक्षक मऊ के कार्यालय पर विशाल धरने का आयोजन किया गया था । जिसमें संगठन के तरफ से 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक मऊ राजेंद्र प्रसाद के माध्यम से शासन को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जय नारायण द्विवेदी ने की। उन्होंने बताया कि सरकार शिक्षकों के प्रति असंवेदनहीन हो गई है और शिक्षा अधिनियम के नियमों के अनुसार विद्यालयों को संचालित किया जाना चाहिए। वर्तमान समय में 2 अगस्त के शासनादेश के अनुसार विद्यालय के संचालन का समय प्रातः 8:00 बजे से सांय 4:30 बजे तक निर्धारित किया गया है जो बहुत ही अविवेकपूर्ण निर्णय लिया गया है। पुरानी पेंशन व्यवस्था के विषय में बताया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बुढ़ापे का सहारा हुआ करती है जबकि एनपीएस शिक्षकों के साथ धोखा किया जा रहा है । वित्तविहीन शिक्षक साथियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। जनपद के शिक्षक साथियों के समस्याओं के विषय में जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय लंबित समस्याओं को तत्काल निराकरण करने के लिए आश्वासन दिया। बताया जनपद के उपाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने बताया कि राष्ट्र निर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों को सरकार एस्मा लगाकर के उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है, इनसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। चयन बोर्ड की धारा 21 को पूर्वत लागू किया जाय। दीनदयाल राय ने कहा कि जहां तक महिला सशक्तिकरण की बात है महिला शिक्षकों के लिए अनुमन्य अवकाश की सुविधा को अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए। रामानंद यादव ने बताया कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाए। इस अवसर पर राज्य कार्यकारिणी के सम्मानीय सदस्य देव भास्कर तिवारी, सत्य प्रकाश राय, मृत्युंजय तिवारी, शशिकांत पांडेय, संजय कुमार उपाध्याय, राजेश यादव, भूपेंद्र वीर सिंह, धनंजय सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, प्रणव चतुर्वेदी, संजय भारती, संजय कुमार यादव, डॉक्टर राम नारायण मिश्र, प्रमोद सिंह, लाल बहादुर सिह, देव भूषण सिंह, अनिल सिंह, शरद कुमार पांडेय, विवेक कुमार शुक्ला, ऋचा त्रिपाठी, राम सागर और कार्यक्रम का संचालन रामानंद यादव ने किया।





