शोक संदेश

शिक्षा, समाज और संस्कार के प्रतीक — डॉ. विनोद गुप्ता नहीं रहे

ग़ाज़ियाबाद/मऊ। अखिल भारतीय मद्धेशिया वैश्य सभा के राष्ट्रीय महामंत्री, यूपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, बाबा सरयू दास करजौली, मऊ के संरक्षक और कई सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ. विनोद गुप्ता का रविवार की रात 10 बजे ग़ाज़ियाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे।

उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। समाजसेवा और शिक्षा जगत से जुड़े उनके शुभचिंतक व विद्यार्थी स्तब्ध रह गए।

डॉ. विनोद गुप्ता मूल रूप से देवरिया जनपद के बरहज बाज़ार के निवासी थे। वे विद्या मंदिर महाविद्यालय, कायमगंज (फर्रुखाबाद) के पूर्व प्राचार्य और एचआर पीजी कॉलेज, खलीलाबाद में 25 वर्षों तक प्रोफेसर रहे।

सख़्त लेकिन न्यायप्रिय शिक्षक के रूप में उन्होंने शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बनाई — नकल के खिलाफ़ उनकी सख़्ती छात्रों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाती थी।

वे लंबे समय तक मऊ और ग़ाज़ियाबाद में रहकर समाजसेवा में सक्रिय रहे। पत्नी श्रीमती चंदा गुप्ता, जो मऊ नगर के सोनी धापा इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं, और पुत्र अंशुमान गुप्ता के साथ वे पिछले एक वर्ष से ग़ाज़ियाबाद में निवास कर रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

डॉ. गुप्ता अपने पीछे एक समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं — एक पुत्र, बहू और तीन पुत्रियाँ (सुजाता, नम्रता, मुदिता) सहित नाती-पोतों से भरा पूरा परिवार।

शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने समाजसेवा, पर्यावरण और कृषि को भी अपने जीवन का मूल बना लिया था। करजौली अनाथालय की भूमि पर हरियाली फैलाकर उन्होंने समाज को नई दिशा दी।

नेपाल और भूटान तक उनके समाजसेवी कार्यों की गूंज थी। उनकी सरलता, वाणी की मधुरता और व्यवहार की विनम्रता ही उनकी सच्ची पूंजी थी।

उनके पुत्र अंशुमान गुप्ता, “स्वारजंलि पब्लिकेशन” के संस्थापक हैं, और डॉ. गुप्ता जी अपने बेटे की इस पहल में भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे।

डॉ विनोद गुप्ता का पार्थिव शरीर उनके ग़ाज़ियाबाद स्थित प्लांट नंबर 01 सेक्टर 10 / बी. बसुंधरा स्वारजंलि पब्लिकेशन से सोमवार की सुबह लगभग 11 बजे हिंडन घाट पर अंतिम संस्कार के लिए जाएगी ।

डॉ. विनोद गुप्ता सिर्फ एक शिक्षक नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे — जिन्होंने जीवन के हर क्षण को सेवा, शिक्षा और संस्कार को समर्पित किया। 🙏

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *