लॉक डाउन से आबकारी विभाग को करोड़ों की क्षति
अखबार का कोना : हिन्दुस्तान
■ दुकानें बंद होने से 34 करोड़ 20 लाख का नुकसान
■ लगातार दुकानें बंद होने से शराब शौकीनों में निराशा
चंद्रशेखर श्रीवास्तव
मऊ। लॉक डाउन के कारण एक तरफ लोगों का जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है, वहीं दूसरी तरफ लॉक डाउन का सबसे ज्यादा असर आबकारी विभाग पर पड़ा है। जिले में लॉक डाउन के दौरान आबकारी विभाग को अब तक कुल 34 करोड़ 20 लाख रुपए की क्षति उठानी पड़ी है। वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकानों के बंद होने से शराब के शौकीनों में काफी निराशा है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा पूरे देश में लॉक डाउन की घोषणा किया गया है। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन किया गया था, ताकि कोरोना के संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। आबकारी विभाग द्वारा जिले में अंग्रेजी शराब की 57 लाइसेंसी दुकानें संचालित हैं, जबकि देशी शराब की 150 लाइसेंसी दुकानों का संचालन किया जाता है। साथ ही साथ 59 बीयर की लाइसेंसी दुकानों का संचालन होता है, वहीं चार माडल शाप का भी संचालन किया जाता है। इस प्रकार जिले में कुल 270 लाइसेंसी शराब की दुकानों का संचालन किया जाता है। लेकिन लॉक डाउन की घोषणा के तहत 26 मार्च से सभी लाइसेंसी शराब की दुकानों का संचालन बंद कर दिया गया है। 26 मार्च से अब तक 38 दिनों के अंदर शराब की दुकानों का संचालन बंद होने के कारण आबकारी विभाग को करोड़ों रुपए की क्षति हुआ है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार लाइसेंसी शराब की दुकानों से लगभग 90 लाख रुपए के शराब की बिक्री होती है। इस प्रकार देखा जाए तो लॉक डाउन से अब तक 38 दिनों के अंदर आबकारी विभाग को लगभग 34 करोड़ 20 लाख रुपए की क्षति हुआ है।

शासनादेश का होगा पालन…
जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लॉक डाउन के दौरान सभी लाइसेंसी शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया था। लाइसेंसी शराब की दुकानों के बंद होने के कारण विभाग को करोड़ों रुपए की क्षति उठानी पड़ रही है, आगे भी लाइसेंसी शराब की दुकानों को खोलने को लेकर जैसा भी शासनादेश जारी किया जाएगा, उसका पालन किया जाएगा।
जेजे प्रसाद, जिला आबकारी अधिकारी मऊ।
इनसेट…
शराब की अंग्रेजी लाइसेंसी दुकानें:-57
शराब की देशी लाइसेंसी दुकानें:-150
बीयर की लाइसेंसी दुकानें:-59
लाइसेंसी मॉडल शाप:-04
इनसेट…
लाइसेंसी दुकानदार परेशान
मऊ। लॉक डाउन के उपरांत लगातार 38 दिनों तक लाइसेंसी शराब की दुकानों के बंद होने से लाइसेंसी शराब के दुकानदार काफी परेशान हैं। लाइसेंसी शराब के दुकानदारों ने कहा कि लगातार दुकानों के बंद होने के कारण करोड़ों रुपए का अब तक नुकसान उठाना पड़ा है, अगर ऐसी ही स्थिति आगे भी रहा तो रोजी रोटी को लेकर काफी संकट उठाना पड़ सकता है।

