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मऊ-बिक्री के लिए आए खेल सामग्री का शिक्षकों ने किया विरोध

● शिक्षक नेता ने BSA व लेखाधिकारी के खिलाफ FIR को लिखा DM, SP व कोतवाल को पत्र

मऊ। जनपद में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेल सामग्री मेले से सामान खरीदने हेतु शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालय गाढ़ा शिक्षा क्षेत्र रतनपुरा पर उपस्थित हुए। परंतु वहां मेले का कोई भी रूप नहीं था केवल एक फार्म न्यू अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज गाजीपुर आई थी, उसका सामान बोरे में भरा हुआ था, प्रिंटेड बिल थी। जिसको भी लेना था उसको पूरा सामान लेना था बोरे में भरा हुआ सामान प्राइमरी स्कूल को 5000 में एवं जूनियर स्कूल को 10000 में दिया जा रहा था। बोरे में जो सामान पैक था उसको खोल कर एक तरफ प्राइमरी का और एक तरफ जूनियर का एक एक पीस देखने के लिए लगाया गया था। सामान की क्वालिटी बहुत ही खराब थी, शिक्षक उन सामानों को देखकर हतप्रभ थे। उन्होंने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष कृष्णानंद राय से की। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष के पहुंचने पर शिक्षकों ने एक स्वर में इसकी शिकायत की कि सामान लेने लायक नहीं है एमआरपी ₹185 है और बिल में ₹240 लिखा गया है। अधिकांश सामानों पर कोई मूल्य अंकित नहीं है और ना ही चयन करने का अधिकार है। जब कृष्णानंद राय ने बेचने वालों से पूछा तो उन्होंने कहा कि हमें बीएसए विभाग के मनोज तिवारी लेखा अधिकारी द्वारा कहा गया है कि आप जाइए वहां सामान बेचिए यह पूछने पर कि आपने कोई टेंडर भरा था या कोई विज्ञापन मिला था कोई आदेश मिला हो तो दिखा दीजिए तो उन्होंने कहा, हमें कुछ नहीं मिला है ना हम कुछ जानते हैं बस तिवारी जी ने कहा है कि वहां जाइए सामान बेचिए। मेले में कोई भी प्रभारी या अधिकारी मौजूद नहीं था जिन भी अधिकारियों से बात हुई उन्होंने सीधे कहा कि जनपद के एक बड़े अधिकारी के आदेश पर यह सब हो रहा है हमें कुछ पता नहीं है मेले का कोई भी रूप नहीं था कोविड-19 के नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया व्यवस्था देखने वाला कोई भी नहीं था पेपरों के माध्यम से सात स्टालों का सात फर्मो का नाम बताया गया था लेकिन केवल एक फर्म द्वारा वहां निश्चित सामान बेचा जा रहा था शिक्षकों ने इस पर नाखुशी जाहिर की और इसका विरोध किया यह पूछे जाने पर कि आप लोगों ने s.m.c. की बैठक की है सामान की सूची तैयार की है शिक्षकों ने एक स्वर से कहा की सूचना के बाद इतना समय ही नहीं मिला कि एसएमसी की बैठक की जा सके बस मैसेज आया है कि सभी को उपस्थित होकर वहां सामान खरीदना है तो हम लोग अधिकारियों के भय से सामान लेने आ गए हैं कोविड-19 के चलते वर्तमान में शासन का निर्देश है की हर दुकान पर सैनिटाइजर की व्यवस्था हो लेकिन ऐसी कोई भी व्यवस्था दुकानदार के पास नहीं थी कोई भी बात कहने पर दुकानदार द्वारा साफ कहा जा रहा कि हमें कुछ भी पता नहीं है केवल मनोज तिवारी ने यहां सामान बेचने के लिए हमें कहा है शिक्षकों का यह आरोप कि मेले जैसी कोई व्यवस्था नहीं है निश्चित व्यक्ति से सामान वितरण कराया जा रहा है इसका पूरा प्रमाण यहाँ देखने को मिला शिक्षकों द्वारा यह भी बताया गया कि तमाम फर्मों की रशीदे जो शिक्षकों को दी गई हैं उन फर्मों से संपर्क करने पर उनके द्वारा कोई भी माल बेचने से इनकार किया जा रहा है और इस बिल को फर्जी बताया जा रहा है अर्जुन सिंह शिक्षामित्र जो कोपागंज में सामान बेचते हुए मिला था वह आज फिर यहां भी पहुंचा । यह सारा कार्य पूरी तरह गैरकानूनी है और शिक्षकों को दबाव बनाकर इसमें शामिल कराया जा रहा है जिले की 1502 विद्यालय प्रबंध समितियों के अधिकारों का अतिक्रमण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी एवं सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी मनोज तिवारी द्वारा कर लिया गया है जबकि शासनादेशो मे पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय प्रबंधन समिति का है। शिक्षकों ने इस पर काफी आक्रोश व्यक्त किया कि अधिकारियों द्वारा मीडिया मे कहा जा रहा है कि कहीं से सामग्री खरीद की स्वतंत्रता है और अन्दर खाने एक फर्म भेजकर सामन खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने एवं एफ आई आर दर्ज कर दोषियो को दंडित करने की मांग की गई । जिलाध्यक्ष कृष्णा नन्द राय ने कहा कि यह पूरा कार्य गैरकानूनी है और ओपी त्रिपाठी बी एस ए, मनोज तिवारी एवं अर्जुन सिंह के विरुद्ध एफ आइ आर करने हेतु नामजद तहरीर मेरे द्वारा दी गई है परन्तु पुलिस द्वारा कोईकार्यवाही नहीं हो रही है।

उधर कोपागंज बीआरसी में खेल सामग्री के लिए मेला लगाने वाले एमिटको खेल इण्डस्ट्रीज मीट के राकेश कुमार और राजेश दास ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर यह आरोप लगाया है कि उनके द्वारा 24 जुलाई को आयोजित खेल सामग्री मेले में अंजनी सिंह एवं कुछ उनके सहयोगी जो आधा दर्जन की संख्या में खेल मेला में आये और मोबाइल द्वारा वीडियो बनाने लगे तथा उनके मुखिया कृष्णा नंद राय खेल सामग्री बिकवाने के लिए मुझसे मोटी रकम की मांग करने लगे। जिसे दे पाने में मैं अपनी असमर्थता जताई और इनकी मैं कोई डिमांड नहीं पूरी कर पा रहा था जिसके वजह से वह धमकी देकर कहने लगे कि मैं तुम्हारी कोई खेल सामग्री बिकने नहीं दूंगा और यहां से भगा दूंगा तो हाथ पैर तोड़ कर जमीन पर गाड़ दूंगा।  उन्होंने जिलाधिकारी के साथ अपने सुरक्षा की गुहार पुलिस अधीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ और थाना प्रभारी कोपागंज को भी दी है। प्रार्थी ने कहा कि मैं काफी भयभीत हूं। कहा कि भय मुक्त माहौल में खेल सामग्री मेला लगाने में प्रशासन उनकी मदद करें एवं सुरक्षा प्रदान करें।

साजिश व प्री-प्लान के तहत वीडियो बनाया गया है, उनकी कार्यशैली व मिशन पहचान से लोग परेशान हैं : BSA

बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि मिशन पहचान के तहत विभाग केवल मेला लगाने का समर्थन करता है। लोग स्वतंत्र हैं क्वालिटी और रेट देखकर खरीदारी करने की। केवल सुविधा हेतु मेले की अनुमति दी गयी थी।
पूरी तरह साजिश व प्री-प्लान के तहत वीडियो बनाया गया है। जिसमें फर्म और यह लोग शामिल हैं। विभाग द्वारा किसी पर कोई दबाव नहीं है सभी लोग स्वतंत्र हैं। इस फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। किसी कीमत पर राजनैतिक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी दो साल की कार्यशैली से लोग परेशान हैं। शासन की मंशा के अनुसार कार्य करते आ रहे हैं करते रहेंगे, किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसी भी मामले में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।

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