36वीं सालगिरह पर 36 पौधै लगाकर मनाई marriage anniversary

० प्रर्यावरण संरक्षण के प्रति पेश किया अनोखा मिसाल
देवली /बहादुरगंज/गाजीपुर। पर्यावरण के प्रति मन में कुछ भाव हो और जीवन के हसीन पल का तारीख हो और ऐसे में कुछ अलग करने का जज्बा हो तो इंसान कुछ अलग करके कुछ ऐसा कर जाता है कि जिससे समाज सीखता है। ऐसे पलों के प्रति मन में चाह रख अगर कुछ ही लोग इस राह पर चल पड़े तो फिर एक अलग बानगी देखने को मिलती है। ऐसे जुनून का एहसास क्षणिक नहीं आनी वाली पीढ़ियों को भी होगा कि मेरे परिजन इस अवसर पर यह कार्य किए थे। सच कहे तो ऐसे कार्य बार-बार हर किसी को करना चाहिए स्वयं के आत्मसंतुष्टि के लिए नहीं राष्ट्र के लिए आने वाले कल के भविष्य के लिए, पर्यावरण के लिए।
कुछ ऐसा ही अलग कार्य किए शिक्षा के उत्थान के लिए समर्पित पति-पत्नी ने अपने शादी की 36वीं वर्षगांठ पर। जनपद गाजीपुर के देवली, बहादुरगंज के निवासी व गोपीनाथ विद्या ट्रस्ट के संरक्षक राकेश तिवारी व गोपीनाथ पीजी कालेज की प्राचार्य डॉ सुधा त्रिपाठी ने वृहस्पतिवार को 36 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और अपनों के साथ बड़ी सादगी से पौधारोपण कर अपनी मैरेज एनवर्सरी मनाई। क्षेत्र में शिक्षा के विकास के प्रति समर्पित दम्पत्ति ने बहादुरगंज चंडिका स्थान, सलामतपुर, गोपीनाथ फार्मेसी कालेज सनेहुआ, गोपीनाथ पीजी कालेज, देवली, आर आर पी इंटर कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवली, पंचायत भवन देवली समेत अन्य जगहों पर पौधरोपण कर शादी की सालगिरह मनाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण का संदेश दिया और किसी भी तरह के बड़े पार्टी के आयोजन से दूर रहे। उन्होंने कहा कि हर आदमी को शादी की सालगिरह पर पौधारोपण करना चाहिए।
डॉ सुधा त्रिपाठी ने कहा कि जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पौधरोपण जरूरी है। यह संदेश घर-घर पहुंचे, तभी लोग इसका महत्व समझ सकेंगे। राकेश तिवारी ने कहा कि पृथ्वी पर पेड़ की कमी के कारण मनुष्य कई रोगों से ग्रसित है। अगर, लोगों को स्वस्थ्य रहना है तो पौधरोपण जरूरी है। उन्होंने कहा कि शादी की सालगिरह हो या जन्मदिन-शादी हो या परिवार में कोई भी आयोजन तो उस दिन कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
इस अवसर पर लोगों ने दम्पत्ति जोड़े को बधाई देते हुए सुखद जीवन की कामना की।
शादी की सालगिरह व पौधारोपण में अपना सहयोग देने वाले प्रमुख रूप से शिवम त्रिपाठी, आराधना तिवारी, डॉ अंजना तिवारी, जगदम्बा चौबे, डॉ गिरीश चंद, सईदुज़्ज़फर, प्रतिमा पांडेय, डॉ वेद प्रकाश तिवारी, मुनव्वर अली, लाल बाबू, चन्द्रकेश दूबे, हीरामणि चौहान, साधु यादव, रणजीत यादव आदि लोग उपस्थित रहे।



