शोक संदेश

वरिष्ठ पत्रकार पारस अमरोही का निधन

लखनऊ । वरिष्ठ पत्रकार पारस अमरोही Paras Amrohi का शनिवार की शाम लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में देहावसान हो गया। वहां वे किडनी की खराबी तथा कुछ अन्य बीमारियों के चलते चिकित्साधीन थे। इसके पूर्व उनका इलाज चन्दन हॉस्पिटल तथा मैक्स हॉस्पिटल में भी हुआ था। उनकी अवस्था लगभग 70 वर्ष थी। उनके परिवार में पत्नी श्रीमती सुमन शर्मा, पुत्र, पुत्रवधू आदि हैं।
पारस अमरोही जी ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत वर्ष 1975 में बिजनौर Bijnaur टाइम्स में स्टाफ रिपोर्टर से की थी। वह नव भारत टाइम्स उत्तर प्रदेश संस्करण के संवाददाता भी रहे। उसके पश्चात उन्होंने दैनिक अमर उजाला बरेली मुरादाबाद और रामपुर संस्करणों में भी कार्य किया। मुरादाबाद से जब दैनिक स्वतंत्र भारत का प्रकाशन आरंभ हुआ तो वह उसमें चले गए थे। यहां वह चीफ सिटी रिपोर्टर थे। स्वतंत्र भारत में मुझे उनके निर्देशन में कार्य करने का अवसर मिला था । इससे पूर्व जब मुरादाबाद में अमर उजाला का संस्करण शुरू हुआ था तो कुछ दिन कोठीवाल नगर कार्यालय में भी उनके निर्देशन में मैंने कार्य किया था। यह मेरे पत्रकारिता जीवन के शुरुआती दिन थे। स्वतंत्र भारत का प्रकाशन यहां से बंद हो जाने पर मैं स्वतंत्र भारत वाराणसी चला गया था और आदरणीय पारस अमरोही जी लखनऊ चले गए थे। बाद में मैं यहां दैनिक जागरण आ गया । छात्र जीवन से ही मेरा संपर्क उनसे रहा जो धीरे धीरे प्रगाढ़ता में बदल गया। उस समय पत्रकारिता के अतिरिक्त मुरादाबाद में होने वाले कार्यक्रमों में वह, सुनील छइयां भाई साहब,विजय आलम और मैं जमकर भागीदारी निभाते थे।
वे लगभग दो दशक तक दैनिक हिंदुस्तान के विभिन्न संस्करणों में वरिष्ठ उपसंपादक भी रहे। लगभग तीन वर्ष तक वे विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक प्रावदा के लखनऊ संस्करण के संपादक भी रहे। श्री पारस जी ने पत्रकारिता से संबंधित अनेक शोध पत्रों का लेखन कार्य भी किया।
वर्तमान में वह खलिहान नाम से एक विशिष्ट समाचार पोर्टल चला रहे थे। उनका देहावसान मेरी व्यक्तिगत क्षति है। परमपिता परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

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