अपना जिला

डीएम कैम्पस में चिकित्सकों ने दिया धरना, हाथों में तख्तियां लेकर किया विरोध प्रदर्शन

मऊ। राजस्थान के कुछ गैर जिम्मेदार पुलिस कर्मियो, लोगों व नेताओ की मिलीभगत और उनके उकसाने पर प्रतिभावान महिला चिकित्सक गोल्डमेडलिस्ट डा. अर्चना शर्मा द्वारा आत्महत्या करने के विरोध में पूरे देश के चिकित्सकों ने अपने संगठन के निर्देश पर अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाया। इस कड़ी में मऊ के चिकित्सा सेवा से जुड़े चिकित्सकों ने इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले, अपने-अपने अस्पताल ले ओपीडी को बंद कर हाथों में तख्तियां लेकर जिला अस्पताल में इकट्ठा हुए वहां से जिलाधिकारी कार्यालय में धरना स्थल पर जाकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन किए।
सभी चिकित्सक अपने-अपने हाथों में बैनर लिए थे जिसमें लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग की अवहेलना बंद करो बंद करो, हम जान नहीं बचा सकते प्रयास कर सकते हैं, हम डॉक्टर मनुष्य हैं भगवान नहीं, हम जान बचाने वाले हैं लेने वाले नहीं, डॉक्टर अर्चना शर्मा के हत्यारों को गिरफ्तार करो गिरफ्तार करो, चिकित्सकों ने डाक्टर अर्चना शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर सजा देने की मांग की।
बताते चलें की राजस्थान के लालसोट दौसा की 22 वर्षीय महिला जो की बहुत ही कम उम्र में चौथी बार माँ बन रही थी, डिलीवरी के दौरान पीपीएच से उसकी मृत्यु हो गयी जो की एक जानामाना कम्प्लीकेशन है। स्त्री एवं प्रसूतिरोग विशेषज्ञ आनंद हॉस्पिटल की डॉ अर्चना शर्मा के खिलाफ पुलिस द्वारा गैरकानूनी ढंग से धारा 302 के तहत बिना जाँच के गलत मुकदमा दर्ज किया गया और नेताओं द्वारा डॉक्टर को मानसिक प्रताड़ना दी गयी, आउट ऑफ़ कोर्ट सेटलमेंट की मांग करी गयी एवं डॉक्टर द्वारा मरीज को बचाने की हर संभव कोशिश करने के बाद हुई मौत पर अत्यधिक पैसे की मांग रखी गयी। इसी के तहत इतने पैसे की डिमांड पूरी न कर पाने पर पुलिस के द्वारा अरेस्ट होने की सम्भावना को देखते हुए एवं अपनी प्रतिष्ठा पर होते नुकसान से तनावग्रस्त डॉ अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली।


इस प्रकरण में आई०एम०ए० मऊ, उत्तर प्रदेश
द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। आई०एम०ए० के सभी डाक्टरों ने एक स्वर में विरोध जताया। डाक्टर्स की भारी भीड़ ने डा अर्चना शर्मा को आत्महत्या के लिये मजबूर करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया और दो मिनट का मौनधारण किया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजली अर्पित की।
लोगों ने कहा कि क्या यह शासन प्रशासन इतना क्रूर हो सकता है कि एक ईमानदार, प्रतिभावान, सक्षम लेडी डॉक्टर को इतना प्रताड़ित करें कि उसे अपने आपको बेगुनाह सिद्ध करने के लिए आत्महत्या करने को मजबूर कर दिया जाए।
आज पूरे भारत के आई०एम०ए० के सभी सदस्य एवं पदाधिकारीगण, डा०अर्चना शर्मा द्वारा आत्महत्या किये जाने से दुखी एवं आक्रोशित है, हम एक स्वर में मांग करतेहै कि डा०अर्चना शर्मा को आत्महत्या करने को मजबूर करने वाले पुलिस प्रशासन, छुट भैया नेता एवं अन्य लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाए, एवं एक ऐसा सशक्त कानून बनाया जाये जिससे की भविष्य में होने वाली ऐसे अपराधो एवं घटनाओ पर रोक लग सके तथा पुलिस अधिकारियों को शिक्षित करा जाये कि धाराओं का उचित प्रयोग कैसे करना है उन्हें जानकारी हो।
विरोध प्रदर्शन में आईएमए के अध्यक्ष डॉ गंगासागर सिंह, सचिव डॉ सत्यानंद राय, डॉ. एन के सिंह, डॉ. जयनाथ सिंह, डॉ. जेड आई उस्मानी, डा केपी सिंह, डा. एससी तिवारी, डॉ. मंगला सिंह, डॉ एसएन राय डॉ, जितेंद्र राय, डॉ सरफराज अहमद, डॉ आरके अग्रवाल, डॉ पवन गुप्ता, डॉ. एचएन सिंह, डॉ कुसुम वर्मा, डॉ. संजय सिंह, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. नवीन चंद्र सिंह, डॉ नलिनी सिंह, डा. कुसुम वर्मा, डा. शबाना, डॉ मनोज यादव, डॉ आई मजहर, डॉ. एके रंजन, डॉ आरएन अग्रवाल, डा. ज्ञानेन्द्र चौहान, डॉ. रामपुकार सिंह, डॉ ए खान, डॉ प्रवीण, डॉ विवेक सिंह, डॉ वसीमुद्दीन जमाली, डॉ ओ पी सिंह, डॉ. सी एस साहनी, डॉ विनय गुप्ता, डॉ अभिषेक गुप्ता, डा सुकृति वर्मा, डॉ अजीत सिंह, डॉ मनोज गुप्ता, डॉ प्रमोदिता सिंह, डॉ. आशीष वर्मा, डॉ. आकांक्षा गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *