घोसी सांसद हरिनरायन राजभर ने बिल्थरारोड को जिला बनाने हेतु सीएम को लिखा पत्र
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड /बलिया। उप्र के पूर्व मंत्री व घोसी लोकसभा के सांसद हरिनरायन राजभर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर बेल्थरारोड को जिला बनाने की मांग की है। उन्होनें अपने भेजे पत्र में मुख्यमंत्री से इसे अति शीघ्र नये जिले के रुप में सृजन हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गये पत्र में सांसद श्री राजभर ने लिखा हैं कि बेल्थरारोड को नया जिला बनाने हेतु सन 1991 से तत्कालीन मुख्यमंत्री उप्र कल्याण सिंह से क्षेत्रीय जनता द्वारा आवाज उठाई जा रही है।
इसी के साथ तत्कालीन विधायक, सांसद एवं सामाजिक राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा भी अपने स्तर से विभिन्न मंचो पर इस मांग के समर्थन में हमेशा आवाज उठाई जाती रही है। वर्तमान में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल व जनता के सुविधा के आधार पर बेल्थरारोड को जनपद बनाया जाना आवश्यक है। बेल्थरारोड को नया जिला बनाने हेतू देवरिया जिले का बरहज एवं सलेमपुर विधानसभा, मऊ जिले का मधुबन विधानसभा, बलिया जनपद का
सिकन्दरपुर व रसड़ा विधानसभा को मिलाकर क्षेत्रफल के आधार पर सरकार द्वारा सर्वे भी कराया जा चुका है। बेल्थरारोड जनपद देवरिया, मऊ एवं बलिया के बीचो-बीच स्थित है और यहां से तीनो जनपद केन्द्रों की दूरी लगभग
70-75 किमी समान है। यह उक्त तीनो जिलों के बीच का महत्वपूर्ण केन्द्र है।
उन्होने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनकी मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार कर अति शीघ्र नये जिले के सृजन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
यह है समस्या…
बलिया के पश्चिमी छोर पर स्थित बिल्थरारोड की जिला मुख्यालय से काफी दूरी होने के चलते यहां का विकास कार्य प्रभावित रहता है। इसके पिछड़ेपन की हालत यह है कि 24 वर्ष पूर्व तहसील बनने के बाद भी आज भी
यहां न तो सीओ सर्किल कार्यालय की स्थापना हो सकी और न ही यहां फायर स्टेशन ही बन सका है। यहां तक की विद्युत क्षेत्र में भी 132/33 केवीए का विद्युत सब स्टेशन की स्थापना न होने से यह मऊ जिले के कसारा, रसड़ा व
सिकन्दरपुर के करमौता विद्युत सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति को बाध्य है।
जिले पर जाने के लिए लोगों को 65 से 80 किमी की दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ता है। जिसके चलते लोगों के समय व पैसे की काफी बर्बादी होती है। मऊ, देवरिया व बलिया जिले की सरहद पर स्थित बेल्थरारोड को जिला बनाने की मांग को वर्षों से की जाती रही है। 1991 में प्रदेश में मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के समय बकायदा राजस्व विभाग द्वारा इसका सर्वे भी किया गया था। सपा के कद्दावार नेता पूर्व मंत्री शारदानंद अंचल, पूर्व मंत्री
हरिनरायन राजभर सहित क्षेत्र के राजनीतिक दिग्गजों से लेकर अनेक सामाजिक संगठनो व क्षेत्रीय जनता द्वारा बार-बार इसे जिला बनाने की मांग की जाती रही है। वर्तमान समय में पिपरौली बड़ागांव के प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान ने एक जिला बनाओ संघर्ष समिति बनाकर बकायदा इसे जिला बनाने को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होने इसके समर्थन के लिए बकायदा क्षेत्र के
विभिन्न सांसद, विधायक व नगर पंचायत अध्यक्ष तक को भी पत्र भेजा है।
क्षेत्रीय लोगों का मामना है कि बेल्थरारोड के जिला बनने के बाद ही इसका विकास सम्भव हो सकेगा।

