मुख्यमंत्री बघेल ने मधुबन व घोसी के कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने की जनता से किया अपील

घोसी। विधानसभा घोसी तहसील के अमिला स्थित रामलक्षन महाविद्यालय में सोमवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मधुबन व घोसी विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने का अपील किया ।
अयोजित विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर जमकर हमला करते हुए कहाकि भारतीय जनता पार्टी सबसे झूठी पार्टी है केवल विरोधीयों पर बदले की भावना से बुलडोजर का डर दिखा कर अपने पक्ष वोट लेना चाहती है ,जिसको जनता जानती है ,ऐसा नहीं होने देगी।कहाकि जनता व विपक्ष की आवाज दबाना चाहते है। बीजेपी सरकार समस्याएं पैदा करती है जबकि हर समस्याओं का निदान केवल कांग्रेस पार्टी में है। उत्तर प्रदेश में जहाँ किसान सांड को लेकर परेशान है वहीं किसानो के दोगुनी आय केवल हवा हवाई है। जबकि छत्तीसगढ़ में सांड भी है और किसान भी खुश है।क्योंकि सांड के गोबर सरकार खरीदती है।वहीं किसानों के धान का समर्थन मूल्य भी पच्चीस रुपये है। बीजेपी सरकार बेरोजगारों ,किसानों बुनकरों,छात्रों को ठगने का काम करती है किसानों को ठगने का काम करती है। बीजेपी वो पार्टी है जो देश के आजादी में अंग्रेजों के साथ खड़ी थी। मोदी कहते है कि फ्री अन्न ,नमक आमजन को दिया जा रहा जबकि यह योजनाएं चुनावी वादे बनकर रह जायेगी।चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल डीजल के दाम भी बढ़ जाएंगे।जाति की राजनीति समाजवादी पार्टी करती है जबकि धर्म की राजनीति बीजेपी करती है। भर्ती के नाम पर पेपर लिक व बेरोजगारों को लाठियां मिलती है। लेकिन कांग्रेस आमजन के अधिकारों की बात करती है।छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार नौ हजार करोड़ रुपये किसानों के कर्जे माफ किया। सुबह 11.20 पर शांतानंद स्वतंत्र भारत इंटर कालेज अमिला के मैदान में छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर सुरक्षा में लैंड किया। वहां से कार द्वारा हरधरपुर में आयोजित जनसभा को सम्बोधन करने के बाद अमिला में आयोजित जनसभा को 2.15 पर सम्बोधित किया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष इन्तेखाब आलम, मधुबन विधान सभा प्रत्याशी अमरेशचन्द पाण्डेय, घोसी विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती प्रियका यादव,राजमंगल यादव,राजनारायन यादव,एचसी दुर्गेडकर आदि उपस्थित रहे।







