डीएम की अध्यक्षता में रु 50 लाख तथा उससे अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न
मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में जनपद में रु. 50 लाख अथवा उससे अधिक लागत की निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था पैकफेड, सीडको, उ. प्र. आवास एवं विकास परिषद, यू.पी.पी.सी.एल.,सी.& डी.एस. विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग, लेकफेड, उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम बलिया, उ. प्र. पुलिस आवास निगम लिमिटेड, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य कार्यदाई संस्थाओं द्वारा जनपद में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की।
पैकफेड द्वारा बन देवी पार्क का जीर्णोद्धार एवं गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य अभी तक 61% पूर्ण होने पर जिलाधिकारी ने इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। सिडको द्वारा जनपद में कुल 3 निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसमें अभी तक अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने उसमे प्रगति लाने के निर्देश दिए। सी.एंड.डी.एस. के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता c&ds ने बताया कि कुल 6 निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। बस स्टेशन एवं डिपों का निर्माण कर 100% पूर्ण हो चुका है।ड्रग वेयरहाउस के निर्माण में बजट के अभाव में अभी कार्य रुका हुआ है, जबकि मधुबन में राजकीय महाविद्यालय का कार्य अपने अंतिम चरण में है। शेष कार्य भी अपने निर्माण के अंतिम चरण में है।
सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता सिंचाई ने बताया कि हथिनी बांध पर सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसकी भौतिक प्रगति 67% है। जनवरी तक यह पूर्ण हो जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड द्वारा पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल (जी+ 8) का निर्माण का गुणवत्तापूर्ण ना होने एवं धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे शीघ्र और गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जनपद में निर्माणाधीन सड़कों एवं 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि ओ. डी. आर. के तहत अभी तक 57% एवं ग्रामीण सड़कों को मात्र 37% ही गड्ढा मुक्त किया जा सका है। समीक्षा के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि कुछ ग्रामीण सड़कों पर अभी तक किसी भी तरह का कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने में अत्यंत धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पी.डब्लू.डी. को सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए, साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को इन सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की अद्यतन स्थिति की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जल निगम विभाग, उत्तर प्रदेश वक्फ वि. नि.लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम आदि द्वारा जनपद में रु 50 लाख या उससे अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय के अंदर ही सारे कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए एवं लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी भी दी।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, पैकफेड, सिडको, यूपीपीसीएल, c&ds, लेकफेड एवं अन्य सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता उपस्थित थे।

