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डीएम ने कृषि,उद्यान,लघु सिंचाई,दुग्ध विकास,नलकूप एवं सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लिया

मऊ। जिला अधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर कृषि, उद्यान, लघु सिंचाई, नलकूप, दुग्ध विकास एवं सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान कृषि उपनिदेशक ने बताया कि 78%किसानों का ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण हो चुका है। अभी 60680 किसानों का ईकेवाईसी का कार्य लंबित है। अभी तक जनपद के 254852 किसानों के भूमि सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। पीएम किसान सम्मान निधि में अभी 4917 मामले तहसील स्तर से अप्रूवल हेतु लंबित हैं।फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 2794 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया है,परंतु अभी तक किसी भी किसान ने फसल बीमा हेतु कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया है। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि उपनिदेशक को शेष समस्त किसानों का ईकेवाईसी अगले 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही भूमि सत्यापन हेतु अभियान चलाते हुए एक हफ्ते के अंदर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत तहसील स्तर पर लंबित आवेदनों का संबंधित उप जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए यथाशीघ्र निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने जनपद में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कृषि अधिकारी को दिए।
उद्यान विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना(पीएमएफएमई) के तहत कुल 177 पंजीकृत लाभार्थियों में से प्राथमिक स्तर पर प्राप्त आवेदनों की संख्या 94 है। 85 आवेदनों को बैंकों में प्रेषित किया जा चुका है, जिनमें से 38 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं एवं 24 आवेदन अभी भी लंबित हैं।राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में इस वर्ष बागवानी हेतु 11 हेक्टेयर एवम् संकर सागभाजी हेतु 115 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। गत वर्ष जिलाधिकारी द्वारा जनपद में केला एवं अमरूद की खेती के निरीक्षण के दौरान इनकी अधिक उत्पादकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को केला एवं अमरूद की खेती हेतु जनपद के लिए लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निदेशालय को पत्र लिखने के निर्देश दिए, जिससे जनपद में केला एवं अमरूद की खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उपलब्ध उर्वरकों एवं सहकारिता से जुड़े चुनावो के संबंध में जानकारी लेते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लघु सिचाई विभाग की समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता लघु सिचाई ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में सितंबर तक 1500 बोरिंग का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 1654 बोरिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है जो कुल का 110% है। बैठक के दौरान ही जिलाधिकारी ने नलकूप विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों का भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान कृषि उपनिदेशक, जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता एआर कोऑपरेटिव सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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