कोरोना वारियर्स स्वास्थ्यकर्मियों का 50 लाख का बीमा
● डॉक्टर्स सहित नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस चालकों को भी मिलेगा लाभ
मऊ। जिस तरह से कोविड-19 के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहें हैं उसे देखते हुए सरकार ने कोरोना के उपचार में जुटे स्वास्थ्य विभाग के सभी स्तर के कर्मचारी भी स्वयं संक्रमित हो रहे हैं और कार्य के दौरान किसी भी कारण से स्वास्थ्य कर्मी की मौत हो जाती है तो उस परिस्थिति में शासन द्वारा उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के 50 लाख रुपये दिये जाएंगे। यह सुविधा न केवल चिकित्साकों को मिलेगी बल्कि नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस चालकों, ईएमटी समेत अन्य सभी स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कोरोना की लड़ाई में जुटे सभी स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस योजना को लागू किया गया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की सचिव वी हिकाली झिमोमी ने इस संबंध में संबंधित सभी अधिकारियों को आदेशित पत्र जारी किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत या चिकित्साकर्मी जो कोरोना के रोकथाम व चिकित्सा कार्य से जुड़े हैं, उन्हें विशेष बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस दौरान योजना के मुताबिक यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित होकर किसी भी प्रकार के दुर्घटना का शिकार होता है तो उसके परिवार को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी। बीमा योजना के लाभ के लिए दावा प्रपत्र देना होगा।
उन्होने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों में कोरोना के होने की आशंका बनी रहती है जिससे उनमें संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। ऐसे में सरकार की इस व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल जरूर बढ़ेगा। योजना से संबन्धित प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मचारीयों को ब्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
सीएमओ डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि क्षतिपूर्ति योजना का लाभ सभी स्वास्थ्यकर्मियों नियमित व संविदारत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कर्मियों, यूनिसेफ से जुड़े कर्मचारी, यूपीटीएसयू के सलाहकार व कर्मचारी को मिलेगा।


