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आरबीएसके प्रिंस चौहान के लिये बना वरदान परिवार में खुशी का माहौल

■ केजीएमयू लखनऊ में 23 दिसम्बर को दिल में छेद का हुआ निःशुल्क  सफल आपरेशन

■ जिले के कुल 9 ब्लॉक में 18 आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीमें करती हैं कार्य

मऊ। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम को मऊ के रानीपुर ब्लाक के अंतर्गत ग्राम भ्रमण के दौरान काझा गांव के विंध्याचल चौहान के 12 वर्षीय पुत्र प्रिंस चौहान को लक्षण के आधार पर दिल में छेद (कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज) परिलक्षित हुआ। इसके बाद प्रिंस की जिला अस्पताल में जांच की गई। इसमें उसके कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज से ग्रस्त (दिल में छेद) होने की पुष्टि हुई। आरबीएसके के तहत 23 दिसंबर को केजीएमयू लखनऊ उसका निःशुल्क सफल ऑपरेशन हो गया है। प्रिंस अब बिल्कुल ठीक है। यह सिर्फ प्रिंस की कहानी नहीं है बल्कि ऐसे सैकड़ों लोगों की है जो राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निशुल्क इलाज पा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे के अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग, कटे होंठ-तालू, टीबी, कुष्ठ रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, ठेड़े-मेढे पैर, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट आदि 47 प्रकार की बीमारियों से ग्रसित बच्चों की निःशुल्क उपचार किया जाता है।

सीएमओ डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि इस आरबीएसके कार्यक्रम के लिए हमारे जिले में प्रति ब्लॉक 2 टीम के अनुसार कुल 9 ब्लॉक में  कुल 18 आरबी एसके मोबाइल हेल्थ टीम टीमें कार्य करती हैं। यह टीमें सभी ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में वर्ष में एक बार एवं आंगनबाड़ी में वर्ष में दो बार भ्रमण कर स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। वहीँ जन्म से अठारह वर्ष तक के विकृति से ग्रसित मिलने पर इलाज के लिए मुख्यालय स्थित जनपदीय चिकित्सालय और गंभीर बीमारी की स्थिति में जनपद से बाहर रेफर कर बड़े राजकीय अस्पतालों अथवा मेडिकल कालेज में भेजा जाता है।

विंध्याचल चौहान ने बताया कि जब से प्रिंस पैदा हुआ था तब से वह बीमार ही रहता था। डाक्टर साहब और उनकी टीम गाँव के आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जाँच के लिये आये, मैंने अपने बेटे प्रिंस चौहान को उन्हें दिखाया उन्होंने जाँच करने के बाद जिला चिकित्सालय के लिये रेफर किया, जहां जाँच में उसके दिल में जन्म से छेद होने की बात बताई। सरकार के आरबीएसके की योजना उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई निशुल्क आपरेशन होने से वह और उनका पूरा परिवार खुश है।

आरबीएसके नोडल अधिकारी डॉ श्रवण कुमार ने बताया कि रानीपुर ब्लाक के 2019 वर्ष में आगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की जांच हो रही थी हमारे टीम के डॉ फिरोज अहमद को उसके पिता विध्याचल के द्वारा उसे लाकर दिखाया गया, तब वह कमजोर दिखा। उसके पिता द्वारा बताया कि जब प्रिंस खेलता है तो उसका दम फूलने लगता है।  लक्षणों के आधार पर उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। सीएचडी जाँच में कान्जीनेटल हार्ट डिजीज स्पष्ट हुआ, यहाँ से रेफर की सीएमओ और एमओआईसी दोनों की अनुमति प्राप्त करने के साथ जरुरी कागजों का कार्य डीईआईसी मैनेजर द्वारा परिजन के सहयोग से पूरा कराकर, बच्चे को केजीएमयू लखनऊ के लिए भेजा गया था, वहां स्टाफ में कोरोना के केस मिलने के कारण प्रिंस को लौटना पड़ा था।

केजीएमयू संस्थान लखनऊ द्वारा पुनः काल कर गत 23 दिसम्बर 2021 को नि:शुल्क सीएचडी का सफल आपरेशन किया गया, प्रिंस फिलहाल दस दिनों की विशेषज्ञ सर्जन की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है।

आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर अरविन्द वर्मा ने बताया कि केजीएमयू में स्टाफ में कोरोना  संक्रमण फैलने के कारण प्रिंस को मार्च 2021 में भर्ती होने के बाद वापस लौटना पड़ा था तबसे लेकर हमारी रानीपुर ब्लाक की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य की पूरी निगरानी कर रही थी। उसके लौटने के बाद भी उसका समय-समय पर फीडबैक स्वास्थ्य जाँच की जाती रहेगी। पुनः हार्ट का ऑपरेशन हेतु फोन द्वारा सूचना के बाद इस माह ऑपरेशन हेतु गए जिसके बाद ऑपरेशन दिनांक 23 दिसंबर को हुआ। संबन्धित सेंटर पर पहुँचने के साथ मरीज व उसका एक परिजन के रहने एवं गंभीर विकृति के इलाज, जांच एवं दवा का सरकार इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरा खर्च वहन करती है।

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