वित्त वर्ष 2018-19 (कर निर्धारण वर्ष 2019-20) के लिए नया आयकर फॉर्म जारी
(सीए रत्नेश कुमार सिंह)
● खेती से आय, संपत्ति की खरीद-बिक्री तथा GST की मांगी गयी है लम्बी जानकारी ।
● नए फॉर्म के माध्यम से लेनदेन को क्रॉस चेक किया जा सकता है।
● फॉर्म भरने में समय पहले की अपेक्षा ज्यादा लग सकता है।
● 31 जुलाई 2019 तक बिना किसी लेट फीस के लोग अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। उसके बाद 31 मार्च 2020 तक लेट फीस (रूपया 1000/5000/10000) के साथ रिटर्न दाखिल कर पायेंगे।
■ वित्त वर्ष 2018-19 के लिए नया आयकर रिटर्न फॉर्म जारी कर दिया गया है जिसमें कुछ ज्यादा विस्तृत में जानकारियां मांगने से कारोबारी, किसान एवं विदेशों में कमाई करने वालों को थोड़ा परेशानी हो सकती है फिर भी देश हित कालेधन पर रोकथाम हेतु नए फॉर्म का सबको स्वागत करना चाहिए।
■ अभी तक कैपिटल गेन शीर्षक के अंतर्गत केवल संपत्ति बेचने वालों से बिक्री मूल्य की जानकारी मांगी जाती थी परन्तु अब खरीदार से भी मूल्य एवं अन्य जानकारी मांगी गई है।
■ पहले कारोबारी सिर्फ GST में कितना दिया, कितना प्राप्त किया इसकी जानकारी देते थे अब अलग-अलग IGST , CGST एवं SGST और UGST की जानकारी मांगी गयी है।
■ खेती की कमाई के साथ अन्य स्रोतों से कमाई करने वालों को पहले केवल खेती से शुद्ध आय बतानी होती थी परन्तु अब अब ज़मीन के विवरण के साथ उपजाने का खर्च, उपज बेचने से प्राप्त राशि, और शुद्ध आय भी बताना है।
■ सहज फार्म में बदलाव किए गए हैं ताकि इस में सैलरी और संपत्ति से आय को शामिल किया जा सके जैसा कि अन्य फॉर्म में होता था।
इसलिए कहा जा सकता है कि फॉर्म की सहजता के साथ कुछ समझौता हुआ। इसमें बिजनेसमैन और पेशेवर लोगों के जीएसटीएन और जीएसटी रिटर्न के हिसाब से टर्नओवर को भी शामिल किया गया है। इसलिए देखा जाए तो इसमें कोशिश की गई है ताकि चेक रखा जाए यानि आय की सही जांच हो सके।
■ इस बार सहज फॉर्म में करदाता की सैलरी डिटेल में मांगी गई है. जैसे अलाउंसेस जो आयकर में छूट के दायरे में नहीं आते है, अनुलाभ की कीमत (perquisites), सेक्शन 16 के तहत सैलरी और डिडक्शन के एवज में लिए गए लाभ की जानकारी देनी होगी।
■ नए फॉर्म में कुछ नई डिटेल भी मांगी गई है। अब टैक्सपेयर्स को अपना सैलरी स्ट्रक्चर (फॉर्म 16 की जानकारी के अनुसार) और प्रॉपर्टी से अगर कुछ इनकम हुई है तो वह भी बताना होगा।
■ आयकर विभाग ने एक अन्य रिटर्न फार्म आइटीआर-2 भी अधिसूचित किया है जिसे ऐसे व्यक्तिगत करदाता दाखिल कर सकते हैं जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से के अलावा अन्य दूसरे स्रोतों से आय है।
■ वहीं व्यवसाय करने वाले करदाता व पेशेवर
1- आइटीआर फार्म -3 या
2- आइटीआर फार्म -4 (सुगम) (अनुमानित आय के मामले में)
उक्त आय से सम्बन्धित धाराओं के शर्तों के साथ भर सकेंगे।
■ पिछले साल की तरह इस साल भी आयकर रिटर्न ऑनलाइन दाखिल होंगे लेकिन आयकर विभाग ने दो श्रेणी के करदाताओं को ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता से छूट भी प्रदान की है।
● 80 वर्ष या इससे अधिक उम्र के व्यक्तिगत करदाता ऑनलाइन के अलावा पेपर रिटर्न भी दाखिल कर सकेंगे।
● इसी तरह जिन व्यक्तिगत करदाताओं की सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें भी पेपर रिटर्न भरने की इजाजत होगी, लेकिन पेपर रिटर्न से वे रिफंड का दावा नहीं कर पाएंगे।


