उत्तर प्रदेश

संजय राय… जिसने अमेठी के बाद आजमगढ़ में सपा के अभेद्य दुर्ग पर लहराया भगवा

० भाजपा ने संजय राय को बनाया था आजमगढ़ लोकसभा चुनाव का प्रभारी
० कांग्रेस के गढ़ अमेठी में भी लहरा चुके हैं भाजपा का परचम

(विजय कुमार गुप्ता)
लखनऊ। आजमगढ़ में निरहुआ की जीत एक दिन की कहानी नहीं है। इसकी बिसात महीनों पहले बिछनी शुरू हो गई थी।
सपा के इस गढ़ को भेदना आसान नहीं था। इस लक्ष्य को भेदने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने एक ऐसे योद्धा को लगाया जिसने अपनी व्यूह रचना और रणनीति से 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गढ़ अमेठी जैसे अभेद्य दुर्ग को तोड़ कर भगवा लहराया। आज आजमगढ़ में भाजपा की जीत उसी योद्धा के जिद की जीत है, जिसे दुनिया संजय राय कहती है।
शीर्ष नेतृत्व ने संजय राय को आजमगढ़ का प्रभारी बनाकर भेजा। आजमगढ़ में भाजपा के लिए माहौल बनाना आसान नहीं था ।
विपक्षी दल जब आजमगढ़ को जात पात में उलझाकर रखने की गणित बना रहे थे, तब संजय राज आजमगढ़ की गलियों को नाप चुके थे । सबसे पहले मंडल से बूथ स्तर की तैयारी को मजबूत करने के लिए हर बस्ती और मोहल्ले में टीम को उतारा।
सोशल मीडिया और आईटी का काल सेंटर बनाया। इसी काल सेंटर को समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का हथियार बनाया।
वोटिंग हर हाल में हो इसके लिए जिम्मेदारी तय की। स्टार प्रचारकों के दौरे लगातार जारी रहे इसके लिए वो 24 घंटा पहले योजना खुद बनाते थे।
प्रचारकों के आने जाने से लेकर, चुनाव में लगे कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए उन्होंने एक टीम बनाई।
उनके इसी मैनेजमेंट ने आजमगढ़ में सोई हुई भाजपा को जगा दिया। 21 जून को प्रचार खत्म होने तक आजमगढ़ में माहौल बन गया था। लड़ाई में निरहुआ की एंट्री हो चुकी थी।
हालांकि सपा ने भी पूरी ताकत झोंकी थी। आस पास के जिलों को सभी कद्दावर नेताओं को उतार दिया था। मऊ, गाजीपुर,जौनपुर से भी सपा के नेता प्रचार किए। कई बार ऐसा लगा की सपा हावी हो रही है। लेकिन उन्होंने इस मिथक को गांव-गांव में छोटी छोटी सभाएं की, बाइक रैली, घर-घर प्रचार करके तोड़ दिया।
23 जून को वोटिंग से पहले भाजपा सोशल मीडिया के माध्यम से ये संदेश देने में सक्रिय हो चुकी थी कि भाजपा जीतेगी तो आजमगढ़ के गरीबों की विकास करेगी। सपा जीतेगी तो अपने परिवार का विकास करेगी।
26 जून को निरहुआ के प्रचंड जीत ने संजय राय के कुशल चुनाव प्रबंधन पर एक बार फिर मोहर लगा दिया।
संजय राय ने आखिरी 15 दिन रात एक करके, अपनी टीम और आजमगढ़ के कार्यकर्ताओं के दम पर उन्होंने
आजमगढ़ में घोर परिवारवादियों पर करारा प्रहार किया है। खास बात ये है कि संजय राय इस समय भाजपा के प्रदेश मंत्री हैं।
भाजपा के आईटी व सोशल मीडिया को धरातल पर संजय राय ने ही धरातल पर उतारा। आज उनके कार्यशैली के दम पर यूपी भाजपा विपक्षी दलों से बहुत आगे निकल चुकी है।

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