चर्चा में

बलिया के युवा ने दण्डवत मार्च कर भारत सरकार से की मांग

◆सबको समान शिक्षा का अधिकार देने को लेकर जिले के युवा ने दिखाई सरकार को रोशनी

(अशोक जायसवाल)

दिल्ली। शासक को जनता के हित में सही दिशा दिखाने के लिए लोगों की तरह-तरह के विरोध, प्रयोग की फोटो व वीडियो तो आप देखते ही होंगे। आज हम आपको एक ऐसे ही सामाजिक कार्यकर्ता की वीडियो व फोटो दिखाने जा रहे हैं जो अपने मांग व विरोध के तरीके से भारत के प्रधानमंत्री व देश की सबसे बड़ी पंचायत में बैठे लोगों सबको समान शिक्षा का अधिकार देने की बात करते हुए अनोखा रास्ता अख्तियार किया है।
यूपी के बलिया जनपद के बैरिया क्षेत्र के निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम यादव रविवार को नई दिल्ली में राजघाट से प्रधानमंत्री आवास तक दण्डवत मार्च किये। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया। बाद में पुलिस उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय ले गयी जहां उन्होंने अपनी मांग का पत्रक सौंपा।

देश में क्या छोटा क्या बड़ा, सभी के लिए एक प्रकार की शिक्षा का अलख जगाने की मांग करने वाले इस सामाजिक कार्यकर्ता ने इसके पूर्व 2 फरवरी को बलिया के जयप्रकाश नगर से अपनी साइकिल यात्रा का शुभारम्भ कर नई दिल्ली पहुंचे थे तथा इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद वह लगातार जनहित के इस मांग को लेकर सड़क पर उतर कर अलग-अलग तरीके से संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

एक तरफ भारतीय संविधान सबके लिए एक कानून की बात करता है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में देश में दो तरह की शिक्षा पद्वति अपनायी जा रही है। गरीबों के लिए अलग व अमीरों के लिए अलग। इस दोहरी नीति के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम यादव अलख जगाकर सरकार की नींद खोलने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ देश में समानता की बात की जाती है तो दूसरी तरफ उसी संविधान में आस्था रखने वाले विधायक व सांसद के बेटे व बेटियां अंग्रेजी स्कूल में तथा मध्यम वर्ग व गरीब के बेटे बेटियां सरकारी स्कूल जहां की व्यवस्था व पढ़ाई भगवान के भरोसे है में पढ़ने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता शिक्षा क्षेत्र के इसी दोहरे मापदण्ड को समाप्त करने के लिए रविवार को नई दिल्ली के राजघाट से प्रधानमंत्रीं आवास तक दण्डवत मार्च का आगाज किया तथा अपनी मांग बुलंद की। उनके इस कार्यक्रम में उभरते गायक अरशद हिन्दुस्तानी ने अपने गीत के माध्यम से उनका भरपूर उत्साहवर्धन किया। जो भी लोग राधेश्याम यादव के शिक्षा के प्रति सरकार को चेताने का यह तरीका देखे पहले तो उनके इस तरीके पर हतप्रद हो गये, बाद में लोगों को जब उनके प्रदर्शन के विषय को जाना तो कहा वाह क्या बात है। रास्ते में लोगों ने उन्हें शाबाशी भी दी।

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