स्वाधीनता से स्वतंत्रता के तरफ भारत भक्ति की स्थापना ही इस अमृत महोत्सव का मुख्य लक्ष्य है : सुभाष

■ गांव-गांव, शहर-शहर आजादी के बलिदानियों का गाथा सुनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव रथ को तिरंगा लहराकर किया रवाना
मऊ। भारतवर्ष के आजादी का 75 वर्ष पूर्ण होने पर जन-जन को भारतवर्ष के गौरव एवं बलिदानियों से जन-जन को अवगत कराने की दृष्टि से शनिवार को सोनीधापा के मैदान में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ आरएसएस के प्रांत प्रचारक सुभाष ने भारत माता के चित्र एवं बलिदानीयों के चित्र से सुसज्जित रथ पर पुष्पवर्षा कर, तिरंगा दिखाकर रवाना किया। रथ जनपद के सभी खण्डो एवं नगरों एवं प्रत्येक गांव तक ले जाना एवं भारत माता की आरती एवं वंदे मातरम का कार्यक्रम निश्चित किया गया है। यह पूरा कार्यक्रम एक माह तक रानी लक्ष्मीबाई जयंती से प्रारंभ होकर अशफाक उल्ला खान के बलिदान दिवस तक चलेगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में दो पहिया वाहन पर सवार होकर स्वयंसेवक अपने अपने खंडों से हाथों में तिरंगा लिए हुए एवं भारत माता की जय, वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए निर्धारित रास्तों से सोनीधापा के मैदान में पहुंचे।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्षप्रांत के प्रांत प्रचारक सुभाष जी ने दीप प्रज्वलन कर एवं वंदे मातरम के गान से किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत वर्ष में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति एक तकनीकी लेकर पैदा होता है, यह देश ऋषि और कृषि को केंद्र में रखकर कार्य करता है इसलिए हमें स्वाधीनता से स्वतंत्रता के तरफ भारत भक्ति की स्थापना ही इस अमृत महोत्सव का मुख्य लक्ष्य है जिसे हमें जन-जन में जागृत करना है। अमृत महोत्सव के जनपद के अभियान प्रमुख प्रवीण राय ने बताया कि गांव स्तर, खंडस्तर एवं जनपद स्तर पर स्कूल, कॉलेज महाविद्यालय, मदरसा एवं मिशनरियों के विद्यालय तक अमृत महोत्सव का कार्यक्रम मनाया जाएगा।

जिला प्रचारक राजीव नयन ने कहा कि तरुण से लेकर प्रौढ़ तक सबको गौरव का अनुभव हो इसलिए जनपद के सभी शहीद परिवारों एवं आजादी में बलिदान हुए बलिदानों के परिवारों को इस कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर सैकड़ों स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विभाग कार्यवाह रामविलास चौबे संपर्क प्रमुख राजेश पांडेय, जिला कार्यवाह विनोद वर्मा, प्रचार प्रमुख भूवेश श्रीवास्तव, नगर बौद्धिक प्रमुख चंद्रापीड मिश्र, विशाल पांडे उमेश कुमार प्रवीण, अभिषेक खंडेलवाल आनंद तिवारी, विनोद वर्मा, अश्वनी सिंह, सुनील दुबे सोनू, संतोष बरनवाल, धर्मेंद्र राय, आत्म प्रकाश पांडे मोनू, किशन सिंह, ज्ञानप्रकाश सिंह, सुनील प्रसाद, अमरीश दुबे, अरविंद आर्य आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।







