न्यायालय में लंबित अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण हेतु चल रहा राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान
मऊ। अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाकर शमीम रिजवी ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व मााननीय उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दिनांक 01 जुलाई 2025 से दिनांक 30 सितम्बर 2025 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। उक्त अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंम्बित प्रकरणों कों अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराना है। न्यायालय द्वारा दिनांक 01 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 तक मध्यस्थता हेतु उपर्युक्त प्रकरणों की पहचान की जायेगी तथा पक्षकारों को सूचित कर प्रकरण को मध्यस्थता के लिए सन्दर्भित किया जायेगा। इस अभियान में वैवाहिक विवाद के मामले. दुर्घटना दावे के मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले ऋण वसूली के मामले, सम्पत्ति के वटवारे से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, अन्य उपयुक्त दीवानी मामले, जिनमे समाधान की सम्भावना प्रबल हो ऐसे मामलों को मध्यस्थता हेतु सन्दर्भित किया जायेगा


