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40% आबादी, फिर भी बिखराव! मऊ में वैश्य समाज ने एकता का लिया संकल्प

मऊ। वैश्य एकता मंच की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक मद्धेशिया धर्मशाला, ब्रह्मस्थान, मऊ में आहूत की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ सदस्य उमाशंकर ओमर वैश्य ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में शासन-प्रशासन द्वारा वैश्य समाज के उत्पीड़न और लगातार हो रहे अत्याचारों पर गहन मंथन करना तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना रहा। बैठक में एक स्वर में वैश्य समाज ने अपने हक व अधिकार के लिए एकजुट होने पर बल दिया।

8 सदस्यीय संरक्षक मंडल का गठन

संगठन को नई दिशा और अनुभवी मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से सर्वसम्मति से 8 सदस्यीय संरक्षक मंडल का गठन किया गया। नवगठित संरक्षक मंडल में समाज के 8 प्रतिष्ठित लोगों को शामिल किया गया है।

संरक्षक मंडल में उमाशंकर ओमर, मनीष सर्राफ, अजय साहू, मनोज जायसवाल, लल्लन प्रसाद साहू, दिनेश बरनवाल, दिलीप साहू और कमलेश चौरसिया को शामिल किया गया है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संरक्षक मंडल के सदस्य संगठन को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और समाज हित से जुड़े प्रत्येक निर्णय में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

नई कार्यकारिणी की घोषणा

बैठक में संगठन की नई कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष—आनंद गुप्ता, उपाध्यक्ष—आनन्द कुमार (पत्रकार), महामंत्री—गोपाल कृष्ण बरनवाल, मंत्री—मनोज कुमार मधेशिया एवं वंश बहादुर चौरसिया तथा कोषाध्यक्ष—प्रवीण बरनवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई।

नई टीम ने ली समाज सेवा की शपथ

इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि नई टीम पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि, “हमारा एकमात्र लक्ष्य वैश्य समाज के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना है।” संगठन समाज हित में कार्य करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।

वैश्य एकता आज की सबसे बड़ी जरूरत

बैठक को संबोधित करते हुए व्यापारी नेता उमाशंकर ओमर ने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापार, उद्योग और समाज निर्माण में वैश्य समाज का योगदान अतुलनीय है। इसके बावजूद आज समाज बिखरा हुआ है। यही कारण है कि समाज के लोगों को अपनी बात कहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

वक्ताओं नेता अजय साहू ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि वैश्य समाज की आबादी लगभग 40 प्रतिशत होने के बावजूद एकता कमजोर है। उन्होंने कहा कि यदि वैश्य समाज एकजुट हो जाए तो कोई भी ताकत उसका उत्पीड़न नहीं कर सकती। समय आ गया है कि आपसी मतभेदों को भुलाकर वैश्य समाज एक मंच पर आए।

मनीष सर्राफ ने नौजवानों से विशेष आह्वान किया कि नई सोच, नई ऊर्जा और क्रांतिकारी विचारों के साथ वैश्य समाज को संगठित करने के लिए तन मन व धन से लगने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा नेता मनोज जायसवाल ने कहा कि हमें संगठित होकर समाज में अपनी ताकत को दिखाना होगा। वैश्य समाज के एकता को फिर से पूरी तरह जीवंत करना होगा। सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक संगठन को मजबूत किया जाए तथा समाज के किसी भी व्यक्ति के साथ हो रहे अत्याचार का एकजुट होकर कड़ा विरोध किया जाए।

अंत में लल्लन प्रसाद साहू एवं सुरेंद्र प्रसाद साहू ने सभी सदस्यों से अपील की कि नई सोच और नए विचार के साथ वैश्य एकता मंच को आगे बढ़ाया जाए और एकजुटता का परिचय दिया जाए, ताकि वैश्य समाज का उत्थान और सर्वांगीण प्रगति सुनिश्चित हो सके। बैठक में बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग उपस्थित रहे।

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