निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन, सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
मऊ। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। वरिष्ठ अधिवक्ता उदय प्रताप राय के नेतृत्व में अभिभावकों ने “जिला विद्यालय निरीक्षक मुर्दाबाद”, “जिला प्रशासन होश में आओ” और “अभिभावक एकता जिंदाबाद” जैसे गगनचुंबी नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी, मऊ को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जनपद के निजी विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 का पालन नहीं कर रहे हैं। अभिभावकों ने मांग की कि या तो इस अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए या फिर इसे वापस लिया जाए। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निजी विद्यालय प्रबंधकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
अभिभावकों ने यह भी कहा कि सीबीएसई और एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित स्कूल बैग के वजन मानकों को सख्ती से लागू किया जाए। इसके अलावा विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। मांग की गई कि सभी स्कूल अपनी वेबसाइट पर पाठ्यपुस्तकों की सूची अनिवार्य रूप से अपलोड करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
ज्ञापन में विशाखा गाइडलाइन के पालन की भी मांग की गई। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में उदय प्रताप राय (कांग्रेस), राबिया खातून, अमरेश सिंह, सुभाष यादव, योगेंद्र कुमार प्रजापति, सुजीत सिंह (समाजसेवी), नरेंद्र सिंह (समाजसेवी), ऋषिकेश पांडे (आम आदमी पार्टी), वसीम अख्तर, अश्वनी पांडे, राजेश शर्मा, रमाकांत सिंह, विनोद सिंह, अतुल सिंह, संतोष यादव, पंकज गुप्ता, राहुल यादव, बृजेश चौधरी, गोपाल सिंह (आजाद अधिकार सेना) सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


