उत्तर प्रदेश

खोजती रही ‘पुलिस’ ‘काका‘ ने किया सरेंडर

मऊ जनपद के कैथवली गाँव निवासी, पूर्वांचल के चिन्हित माफिया पूर्व ब्लॉक प्रमुख परदहां रमेश सिंह काका #Ramesh singh kaka को चार साल की सजा मऊ अदालत ने सुनाई। फ़र्ज़ी सिम के मामले में अदालत ने सजा सुनाई।

मऊ प्रशासन ने जैसे ही पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह काका पर 25 हज़ार का ईनाम घोषित किया और उनकी तलाश में जुट गई। पुलिस उनके हर ठिकाने पर पैनी नज़र रखने लगी और मुखबिरों को भी लगा दिया! लेकिन पुलिस की सारे सिस्टम को धता बताते हुए फिल्मी अंदाज में माफिया रमेश सिंह काका ने शुक्रवार को मऊ की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिए और पुलिस मुँह ताकती रही।

रमेश सिंह काका पूर्वांचल व प्रदेश स्तर से चिह्नित माफियाओं में शामिल हैं। वे परदहां के पूर्व ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं! तथा अपनी पत्नी को भी ब्लाक प्रमुख बनवा चुके हैं! काका पर विभिन्न जनपदों के थानों में 80 से ज़्यादा मुकदमे दर्ज हैं।काका को अदालत ने कोतवाली थाना में फर्जी सिम के मामले में दर्ज मुकदमे में दो जून 2025 को कोर्ट ने दोषी करार की सजा सुनाई थी। अदालत में हाजिर न होने पर कोर्ट ने जारी किया था ग़ैर जमानती वारंट। जिसके बाद पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस को धता बताते हुए रमेश सिंह काका ने सरेंडर कर दिया।

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