जेकर हल्ला बा उ दलदल में बा, के सांसद होई ओम्मे अब बमचक बा!

मेरी कलम से…
आनन्द कुमार
गढ़ में सब गड़बड़ है,
आजमगढ़ में सब हड़बड़ है,
जीत रहे थे सब कल तक,
पर आज सभी का मन अनबन है,
जितना नेता जन-जन तक पहुंचे,
उतना जनता ना घर से निकली,
वोट प्रतिशत का हाल देखकर,
तीनों दल में हलचल है।
पूछे रम्पत्त, सम्पत्त से,
कि तोहे का लगत ह,
सईकिलिया जीत रहल ह,
कि निरहुआ का भाग्य चमकत ह,
सम्पत्त बोले रम्पत्त से,
ना निरहु ना धर्मेन्द्र लगत हैं,
हथिया गुड्डू क दमकत हौ,
राहु पर तो शुक्र बइठल ह,
केतु में शनि का वाट लगल ह,
परिणाम गजब ह, आजमगढ़ के,
जेकर हल्ला बा उ दलदल में बा,
के सांसद होई ओम्मे अब बमचक बा!


बहुत बढ़िया