उत्तर प्रदेश

पिता और 2 बेटों की हत्या से कांप उठा बलिया

बलिया। इन दिनों उत्तर प्रदेश में अपराध की कुछ बाढ़ सी आ गई है। हर जिलों में कहीं न कहीं हत्या की खबरें आम होती जा रही हैं और हत्या भी ऐसी कि दिल दहल जाए‌। चाहे पिछले दिनों का प्रयागराज का मामला हो या बलिया का एक ही परिवार में कई लोगों की हत्याओं का यह दौर काफी दुखदाई है। इसको लेकर सरकार को कुछ ऐसे कड़े नकेल कसने होंगे कि लोग ऐसी घटनाओं से परहेज करें। बताते चलें कि हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी उत्तर टोला निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से लोग सिहर से गये हैं। यहां दो भाईयों का खून से लथपथ शव कुंए से बरामद हुआ, जबकि उनके पिता का शव घर के एक कमरे में खून से सना मिला। तीन लोगों की हत्या क्यों और किसने की ? इसका पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक टीम व पुलिस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि मंगलवार की सुबह हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी में शौच के लिए निकले लोग रास्ते में खून के धब्बे देख गांव के बाहर बागीचे में पहुंचे। वहां स्थित कुएं पर भी खून के धब्बे पड़े हुए थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस पहुंचकर पड़ताल की। पुलिस ने सीमेंट की पटिया से ढके कुएं को खुलवाया तो उसमे सुखी जलकुम्भी दिखी। शक के आधार पर जलकुम्भी को बाहर निकाला गया तो अंदर शव पड़ा था। ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी शिनाख्त गांव निवासी विक्रम सिंह (28) के रूप में हुई। खून से लथपथ शव को कब्जे में लेकर पुलिस जांच में जुटी थी, तभी विक्रम सिंह के पिता उमाशंकर सिंह (60) का शव उनके घर में ही पड़ा मिला। बाप-बेटे का शव कब्जे में लेकर पुलिस तफ्सीश में जुट गई। इस बीच, कुंए से लगभग 250 मीटर दूर खून का धब्बा देख पुलिस का माथा ठनका। पुलिस बारीकी से पड़ताल की तो उसी कुंए में विक्रम के बड़े भाई संदीप कुमार सिंह (32) का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। तीहरे हत्याकांड से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी आजमगढ़ अखिलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक राज करन नैय्यर, एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी व सीओ बैरिया अशोक कुमार मिश्र भारी पुलिस बल व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल में जुट गये। हत्याकांड के खुलासे को दो टीमें गठित की गई है।हत्यारों ने घटना को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने की भी काफी कोशिश की थी। कुंए में फेंके शव को छिपाने के लिए ऊपर सूखी जलकुंभी डाली गई थी। वही, खेत मे खून के धब्बों के फावड़े या कुदाल से मिटाने की कोशिश की गई थी। विक्रम की पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी तो घर पर किसी के नहीं होने की जानकारी हुई। पुलिस मृतक के घर पहुंची तो एक कमरे में खून बिखरा हुआ था। अंदर कोई नहीं था। फोरेंसिक टीम ने दूसरे कमरे को खोला तो उमाशंकर सिंह (60) पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह का शव पड़ा हुआ था। वहीं, कुंए से कुछ दूर खून के धब्बे को देख पुलिस गंभीर हुई। फिर संदीप सिंह (32) का शव बरामद हो सका।

2 thoughts on “पिता और 2 बेटों की हत्या से कांप उठा बलिया

  • Shartendu Yadav

    Mere pita ki bhi hatya hui hai par koi sunvai nahi hui abhi tak, FIR darz hai but koi karyawahi giraftari nahi

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    • adminPost author

      Kanha ka mamla hai

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