गांधी की हत्या इसलिए हुए की धर्म का नाम लेने वाली साम्प्रदायिकता उनसे डरती थी : अरविंद मूर्ति

घोसी/मऊ। 30 जनवरी 2022 को सरकारी करण आंदोलन मंच एवं भारतीय जनतांत्रिक मोर्चा के तत्वाधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शहादत पर फासीवाद के विरोध में न्याय, शांति सद्भाव एवं कौमी एकता कायम रखने के लिए मऊ जिले में एकमात्र गांधी जी की प्रतिमा घोसी मझवारा मोड पर प्रतिकार एवं उपवास कार्यक्रम मनाया गया।
गांधीजी की शहादत पर चर्चा करते हुए श्री लवकुश जी ने कहा कि मूर्तियां तोड़ने से ना तो गांधी पुःन मर सकते है, न गोली मारने से गांधीजी मर सकते हैं गांधी जी के विचार अमन शांति एकता की एक विचारधारा है जो सदैव कायम रहेगी
भारतीय सामुदायिक कार्यकर्ता मंच के श्री अरविंद मूर्ति जी ने कहा कि गांधीजी की सोच हाशिए के लोगों के पक्ष में थी जिसे उत्पादन के साधनों का सरकारी करण द्वारा पूरा किया जा सकता है, गांधी जी मानते थे की गरीबी अभिशाप नही मानवरचित षड़यत्र है,उसे संसाधनों के सम्यक बँटवारे से खत्म किया जा सकता है।उनकी हत्या इसलिए की गई की धर्म की आड़ लेकर नफरत और साम्प्रदायिकता फैलाने वाले उनके धार्मिक आचरण से डरते है। इसी क्रम में सरकारी करण आंदोलन मंच के श्रीमरछूराम प्रजापति ने कहा कि गांधी जी की आम आदमी के प्रति सोच की विचारधारा को खत्म करने के लिए फासीवादी विचारधारा के एक व्यक्ति ने मार डाला मारने वाले अपनी सामाजिक,धार्मिक आर्थिक एकाधिकार वाली तानाशाही कायम करना चाहता है जिसे सरकारी करण अभियान द्वारा फासीवादी विचारधारा को रोका जा सकता है। आज के कार्यक्रम श्रीमति पुष्पा शर्मा, फखरे आलम, देवभूषण ठाकुर, बृकेश यादव, त्रिभुवन शर्मा, आफताब, अशोक श्रीवास्तव, मूलचन्द्र चौहान, नीतिश कुमार, अखिलेश कुमार, घरहू चौहान आदि उपस्थित रहे।

