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रामलीला के अलग-अलग पात्रों से
हमें मिलती है प्रेरणा : राणा प्रताप सिंह

रतनपुरा /मऊ। आदर्श रामलीला समिति द्वारा मंचित किए जाने वाले लीला के आखिरी दिन नेहरू इंटरमीडिएट कालेज के प्रबंधक राणा प्रताप सिंह ने लीला समाप्ति के अवसर पर कहा कि श्री राम चरित्र एक आदर्श पुरुष का चरित्र है। इसलिए सभी इस चरित्र और रामायण के अन्य पात्रों से शिक्षा ले। इसलिए नवरात्र में जगह-जगह रामलीला का मंचन किया जाता है। उन्होंने कहा कि मऊ बलिया में होने वाले रामलीला में रतनपुरा का एक विशिष्ट स्थान है।
उन्होंने कहा कि राजा दशरथ को एक आदर्श पिता के रूप में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम और रघुकुल रीति रूप में बच्चों का पालन करने के रूप में भाई लक्ष्मण को बड़े भाई की भक्ति के रूप में भाई भरत को बड़ों के प्रति समर्पण के रूप में, उर्मिला का पति के विरह के रूप में कौशल्या को आदर्श मा के रूप में कैकेई को अवतार का फायदा उठाने के रूप में जहां हमेशा याद किया जाता है। वही हनुमान की राम भक्ति विभीषण की सन्मार्ग शक्ति जटायु कि पराक्रम शक्ति सेवा और सुग्रीव की राम सहायता हमेशा अमर रहेगी ।सच पूछिए तो रामायण एक आदर्श जीवन जीने का सन्मार्ग दिखाता है। तभी तो हम बार-बार रामायण पढ़ते हैं ,और दशहरे से पहले रामलीला का मंचन कर राम काल से प्रेरणा लेकर राम राज्य की स्थापना को साकार करने की कोशिश करते हैं ।इस अवसर पर सभी समिति के पात्रों को शुभकामनाएं दी गई।

राम अवतार का प्रमुख उद्देश्य भक्तों का उद्धार करना था: उमाशंकर सिंह


रतनपुरा (मऊ)। आदर्श रामलीला समिति के लीला के 11 दिन के समापन समारोह के अवसर पर समिति के संरक्षक उमाशंकर सिंह ने श्रद्धालुओं एवं रामलीला प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान अपने बच्चों के लिए निर्गुण से सगुण एवं निराकार से साकार रूप में अवतरित होते हैं। राम अवतार का सबसे प्रमुख कारण भक्तों का उद्धार करना है। उसके बाद उन्होंने रामलीला मंचन के समाप्ति की घोषणा की।

रामलीला के सभी पात्रों, मीडिया कर्मियों और प्रश्नोत्तरी का सटीक जवाब देने वालों को किया गया सम्मानित
रतनपुरा (मऊ)। आदर्श रामलीला समिति द्वारा मंचन कार्यक्रम के अवसर पर कोरोनावायरस के नाम पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रश्नों का सटीक उत्तर देने वाले श्रद्धालुओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। तथा कोरोना काल में आकस्मिक मृत्यु होने वाले मृतक के परिजनों को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं आदर्श दुर्गा पूजन समिति सदर बाजार की तरफ से रामलीला के सभी पात्रों को दिवाल घड़ी देकर उन्हें सम्मानित किया गया। समिति के संरक्षक उमाशंकर सिंह व समापन समारोह के मुख्य अतिथि राणा प्रताप सिंह ने रामलीला के सभी पात्रों को तथा रामलीला का समुचित ढंग से प्रकाशित करने वाले पत्रकार बंधुओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमोद खरवार, मनोज कुमार गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता, संतोष वर्मा, अंगद गोड़, अरुण कुमार बंगा, विजेंद्र गुप्ता ,अमरजीत ठाकुर, सरोज राजभर, श्यामा राजभर, गोपाल शर्मा ,मोहन वर्मा, प्रदीप शर्मा, रजनीश सिंह, पुनीत वर्मा, पंकज गुप्ता, उमेश वर्मा ,चंद्र प्रकाश वर्मा, राजेश वर्मा इत्यादि कलाकार मौजूद रहे। राम लीला मंचन में प्रभावशाली भूमिका का निर्वहन करने वाले पंडित सुरेंद्र नाथ शर्मा को घड़ी एवं अंग वस्त्र ,स्मृति चिन्हप्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। रामलीला में ब्यास की भूमिका अदा करने वाले पंडित सुरेंद्र नाथ शर्मा अपने चिर परिचित अंदाज में रामायण की चौपाइयों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रामलीला की महत्ता पर प्रकाश डालते हैं।यह उनका अंदाज विशिष्ट और अनूठा होता था। जिससे दर्शकों को रामलीला के एक-एक पात्रों की पूरी जानकारी प्राप्त होती थी।

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