सीमा यादव की प्रथम कृति “मन की शक्ति अपार” का विमोचन

आगर साहित्य समिति मुंगेली के तत्वावधान में लेखिका सीमा यादव ग्राम सिंगारपुर, मुंगेली द्वारा रचित प्रथम गद्य संग्रह “मन की शक्ति अपार” का विमोचन पुनीत वैष्णव रेस्टोरेंट मुंगेली में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर पूजन,अर्चन किया गया। डॉ.सरिता भारद्वाज के द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात मंच पर आसीन सभी लोगों का स्वागत पुष्पहार,स्मृति चिन्ह एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुमार भट्ट ‘पथिक’ वरिष्ठ साहित्यकार मुंगेली ने की ।मुख्य अतिथि सतीश कुमार पांडे जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ.प्रतिभा मंडलोई वि.खं.शिक्षा अधिकारी मुंगेली, डी.सी.डाहिरे वि.खं.स्रोत समन्वयक मुंगेली, डॉ.गजेंद्र तिवारी शिक्षाविद् पाली कोरबा, कृष्ण कुमार नवरंग गवर्न. एम्ल. वेल. एसो. मुंगेली, गोपाल कृष्ण दुबे, विमित्रा घृतलहरे, प्रदीप दिवाकर सहा.वि.खं.शिक्षा अधिकारी थे। समिति के सहसंयोजक राकेश गुप्त ‘निर्मल’ के संयोजन में कार्यक्रम का संचालन डॉ.अजीज रफीक के द्वारा किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं वरिष्ठ कवियों के द्वारा पुस्तक की समीक्षा की गयी। इसके पश्चात् लेखिका सीमा यादव ने अपनी पुस्तक के बारे में बताया कि मन की शक्ति अपार होती है। हम मन में जैसे सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने मन को माया में रमने की बात की है। माया ही मन को वश में कर लेता है। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर अशोक गुप्ता, जगदीश प्रसाद देवांगन, ज्वाला प्रसाद कश्यप, सुधारानी शर्मा, अशोक कुमार यादव सहा.शिक्षक मन की शक्ति अपार पुस्तक की भूमिका लेखक, चंद्रेश चंद्राकर, लोकेश्वरी कश्यप, गीता किरण सोनी, गार्गी सोनी, रमाशंकर यादव, राजेश यादव, जयराम निषाद, संतोष कुमार यादव, चंपालाल बंजारे और संजीव सक्सेना उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन सीमा यादव के द्वारा आभार प्रकट करके किया गया।

