रंग लाई घोसी संघर्ष समिति घोसी की मेहनत, बिछने लगी रेल ट्रैक

घोसी/ मऊ। विगत कई सालों से घोसी संघर्ष समिति घोसी, इंदारा जंक्शन से दोहरीघाट तक के आमान परिवर्तन के लिए धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल से लेकर सभी रेलवे के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भी देती आई है। जिसका परिणाम यह हुआ कि 2018 में घोसी में ही भूमि पूजन के साथ साथ कार्य भी शुरू हो गया, लेकिन जब जब कार्य बाधित हुआ तब तब घोसी संघर्ष समिति घोसी के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने अपने साथियों के साथ धरना प्रदर्शन, पत्रक, ज्ञापन देते रहे, गोरखपुर भी जाकर सभी अधिकारियों को ज्ञापन देते रहे, आश्वासन भी मिलता गया की कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन किन्हीं कारणों से कार्य मे रुकावट आती गई। लेकिन घोसी संघर्ष समिति घोसी के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने अपना काफिला नहीं रोका और हार नहीं मानी, अभी इसी 9 अगस्त को घोसी संघर्ष समिति घोसी के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने दिल्ली जाकर रेल मंत्रालय में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा के अनुपस्थिति में उनके सचिव ओमप्रकाश को अपना ज्ञापन सौंपा जिसमें दिसंबर 2021 तक कार्य पूरा करके मार्च 2022 तक छपरा, वाराणसी, दिल्ली, मुंबई तक ट्रेनों का संचालन करने के लिए मांग किए और ऐसा न होने पर दिसंबर 2021 मे आंदोलन करने की चेतावनी भी दी नतीजा यह है कि कार्य में तेजी भी है और इंदारा जक से कोपागंज तक रेलवे की पटरियां बिछ चुकी है और अब आगे का कार्य भी चालू है, घोसी संघर्ष समिति घोसी के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने अपने साथियों के साथ साथ सभी प्रेस वालों को भी बधाई देते हैं जो अपना समर्थन देते हुए सारे ज्ञापन एवं धरना प्रदर्शन, आंदोलन को अपने पोर्टल, चैनलों में दिखाकर और पेपर में प्रकाशित उच्च अधिकारियों को पढ़ने के लिए विवश कर दिया, पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से मिलने के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि घोसी हाल्ट नही स्टेशन ही रहेगा। संरक्षक अब्दुल मन्नान खान, डायरेक्टर शेख हिसामुद्दीन, सुदर्शन कुमार, महामंत्री खुर्शीद खान, नौशाद खान, उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, जियाउद्दीन खान, राजेश जायसवाल, राजेश सिंह, अबरार घोसवीं, सलमान घोसवी, रशीद अहमद, गोपाल साहनी साहित सभी सदस्य एवं नगर की, गांव की जनता ने बहुत साथ दिया सभी बधाई के पात्र हैं, घोसी संघर्ष समिति घोसी के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि जब तक ट्रेनों का संचालन नहीं होगा तब तक खामोशी से बैठा नहीं जाएगा।




