कोरोना की संभावित तीसरी लहर से करें बचाव व रहें सतर्क

■ नवनिहालों और बच्चों को मास्क पहनने की डालें आदत
मऊ। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखें और संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग नियमित करें। इससे हम सब अपने बच्चों को संक्रमण से बचा सकते हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और सभी विशेषज्ञ व डॉक्टर्स सभी इस बात पर जोर देते आए हैं कि मास्क पहनने से 90 प्रतिशत तक कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। उसी तरह मास्क के प्रयोग से अपने घरों में बच्चों और नवनिहालों को बचाने के लिये उन्हें प्रतिदिन मास्क पहनने की आदत डालें जिससे की उन्हें संक्रमण का खतरा कम रहे। अपने बच्चों को मास्क पहनाते समय ध्यान दें कि उन्हें पहनाई जाने वाली मास्क टाइट ना हो बल्कि अच्छे से फिट हो ताकि ऊपर, नीचे या कहीं और से वायरस के संक्रमण से नाक और गले को सुरक्षित रखा जा सके। बच्चों को मास्क पहनाने के बाद उसे बार-बार छूने की आदत से सावधान करें, मास्क के बाहरी भाग को दूषित ही मान कर ही चलें तथा इसलिए उसे पहनते समय गेटिस या रस्सी को पकड़ कर पहनाएँ या पहनें। किसी कारण छू जाने पर हाथों को सेनेटाइज़ अवश्य करें, मास्क को एक बार प्रयोग में लाने के बाद उसे अवश्य सेनेटाइज़ करें या धोएं। नवनिहालों और बच्चों के प्रयोग में लाये जाने वाले कपड़े के मास्क को गर्म पानी तथा साबुन से अच्छी प्रकार धोएं और धूप में सुखाएं।महामारी विशेषज्ञ रविशंकर ओझा ने बताया कि कोरोना की महामारी से बचाव का केवल एक ही मुख्य उपाय है जिसमें पहले दिन से ही जारी किया गया कोविड प्रोटोकॉल, जिसके तहत बाहर निकलते समय ही मास्क पहनने के लिये कहा जाता है। हम सभी को कोरोना वायरस जैसी महामारी से अपना और बच्चों का बचाव करना है तथा हमें घर पर भी अन्य लोगों के बीच मास्क का उपयोग करना है। आप स्वयं या बच्चों को मास्क नहीं पहना रहे हैं तो आप अपने और नवनिहालों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।



