सपा टू बसपा बाया सपा में लौटे अम्बिका चौधरी, बेटे को टिकट

( आनन्द कुमार )
बलिया। कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी घर लौट चलें की तर्ज पर समाजवादी पार्टी के दामन को पुनः थाम लिया। वे शनिवार को बहुजन समाज पार्टी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी कि साइकिल पर सवार हो गए। उनके साथ उनके पुत्र आनन्द चौधरी जिला पंचायत सदस्य ने भी सपा का दामन थाम लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के एन वक्त पर अंबिका चौधरी का यह कदम बलिया के सियासत में हिलोरे लेने लगा है साथ ही बसपाई से सपाई बनते ही अम्बिका चौधरी के बेटे को सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बनाने पर अपनी मुहर लगा दी है।

ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के कई मंत्रियों के बीच, जहां भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद को अपने पाले में करने के लिए तमाम जद्दोजहद कर रही है। ऐसे में अंबिका चौधरी का समाजवादी पार्टी में आना भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा छोड़ बसपा में शामिल हुए अंबिका चौधरी पुनः समाजवादी पार्टी पर आस्था व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की किसी मीटिंग में मुझे छोटा बड़ा कोई उत्तरदायित्व नहीं सौंपा गया। ऐसे में पार्टी में काफी उपेक्षित महसूस कर रहा था और लग रहा था कि मैं बसपा के किसी के उपयोग का नहीं हूं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उनके पुत्र को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भेज दिया है। ताकि उनके निष्ठा पर किसी तरह का सवाल ना उठाए। इस प्रकार बसपा से सपा में अंबिका चौधरी के जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के लिए बलिया में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर भाजपा का झंडा लहरा पाना काफी मशक्कत भरा होगा। अब देखिए बलिया की राजनीति में आगे आगे होता है क्या।


