रचनाकार

गजल : बहाओ न पानी

  • ( अमित राज, नालन्दा, बिहार )

हमारी कहानी, बहाओ न पानी,
यही जिंदगानी, बहाओ न पानी।

सिखाओ न दादी सिखाओ न नानी,
वजह बिन कभी भी, बहाओ न पानी।

न होंगे सदा साथ अपने तुम्हारे,
सगा है बड़ा ही बहाओ न पानी।

हवा हो रही है बड़ी आज कातिल,
लहर है मिटानी, बहाओ न पानी।

मरे हैं कई लोग अब और प्यासे,
मिटा जिंदगी दी, बहाओ न पानी।

करे रोज गलती करे जो नबाबी,
उन्हें ये बता की, बहाओ न पानी।

तड़पते रहोगे कहीं प्यास से तुम,
न होगा कहीं भी, बहाओ न पानी।

बड़ी आज गरमी सताए मुझे है,
बुझा प्यास तो ली, बहाओ न पानी।

बताओ सभी को यही अब कहानी,
बड़ी कीमती जी, बहाओ न पानी।

भुला ‘राज’ देते सभी हैं न जाने,
भली बात को ही, बहाओ न पानी।

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