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अब नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी कोरोना जाँच की सुविधा

● जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल पर भी हो रही कोरोना की जांच
● रैपिड एंटीजेन टेस्ट तकनीक से कोरोना जांच में आई तेजी


मऊ। कोविड-19 संक्रमण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है जिसको रोकने के लिए शासन की ओर से प्रत्येक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। रैपिड एंटीजेन टेस्ट तकनीक से कोरोना की जांच में तेजी आ रही है और कोरोना के मरीजों को जल्द से जल्द उपचार पर भी रखा जा रहा है। शासन के दिशा-निर्देश पर अब कोरोना की जांच की सुविधा नगर के चारों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों डोमनपुरा, हनुमान नगर, भरऊकापूरा, छोटी महरनिया पर शुरू की गयी है। इसके अलावा जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल में भी कोरोना की जांच की जा रही है। इससे पहले हो रही जांच की अपेक्षा रैपिड एंटीजेन टेस्ट से कोरोना की जांच में तीन गुना तेजी आई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचंद सिंह ने बताया कि एंटीजेन टेस्ट से कोरोना की जांच में तीन गुना वृद्धि हुई है। शहर के नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी अब कोरोना की जाँच की सुविधा शुरू की गई है जिससे आधे घंटे में ही रिपोर्ट मिल जा रही है। जैसे-जैसे जांच की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। कन्टेन्टमेंट जोन भी बढ़ गये हैं। स्वास्थ्य विभाग कोरोना उपचाराधीनों को एल-1 सुविधा के अस्पताल में निगेटिव (ऋणात्मक) होने तक उनका उपचार और सम्पूर्ण देखभाल कर रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए शासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। वर्तमान में सरकार ने कोरोना उपचाराधीन के लिये होम आइसोलेशन का दिशा-निर्देश देते हुये कोविड-19 नियमों के तहत रहने के लिये अनुमति दी है। परदहा ब्लाक के सीएचसी को 40 बेड का एल-1 हास्पिटल, केंद्र सरकार द्वारा कोविड हास्पिटल ट्रेन की सुविधा मिली है जिसमें 160 बेड की सुविधा युक्त एल-1 फैसिलिटी के 10 बोगी दिये गए हैं। वहीं दूसरी तरफ सभी ब्लॉकों के सीएचसी में कोरोना के इलाज के लिये 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जिले के कोपागंज ब्लॉक में 100 बेड का बापू आयुर्वेदिक कॉलेज को अधीकृत कर प्रयोग में लिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अन्य कई पैरामेडिकल कालेजों, निजी अस्पतालों को आवश्यक कार्यवाही कर तैयार रखा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि समुदाय में कोरोना के विस्तार को रोकने के लिए सभी को सावधान और सतर्क रहना पड़ेगा। बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें, बाहर निकलते समय मुंह और नाक को मास्क से ढकें तथा हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करते रहें। 6 फीट अथवा दो गज की दूरी बनाए रखें आदि इन सावधानियों के चलते बहुत हद तक कोरोना से अपने आप को बचाया जा सकता है।
जिला महामारी विशेषज्ञ रविशंकर ओझा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार ज्यादा से ज्यादा एंटीजेन सैंपलिंग की जा रही है। जनपद के हर ब्लॉक पर सैंपल लेने के लिए टीम का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही दो मोबाईल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) भी रेंडम या सूचना पर पहुँच कर सैंपल लेने का कार्य कर रही हैं।

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