कोरोना को लेकर UP सरकार ने आज क्या कहा पढ़िए..
इस संक्रमण से बचाव ही सबसे कारगर तरीका है। इसलिए बीस सेकेंड से ज्यादा समय तक साबुन-पानी से हैंडवाॅश करें। सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन रखें व फेस को कवर करें.
घर के बड़े-बुजुर्ग, पहले से अगर किसी बीमारी जैसे डायबिटीज या हार्ट की किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो उनका विशेष ध्यान रखें.
हमने प्राइवेट चिकित्सालयों, सरकारी चिकित्सालयों व चिकित्सा महाविद्यालयों से अनुरोध किया है कि ट्रीटमेंट पूरे प्रोटोकाॅल के साथ उपलब्ध करवाया जाए, जिससे इंफेक्शन की सम्भावना बिल्कुल न रहे.
हमारी त्रिस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था एल-1, एल-2 व एल-3 के सभी डाॅक्टर, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ व स्वीपर आदि की ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है.
प्राइवेट सेक्टर के हाॅस्पिटल्स के स्टाफ की भी जूम प्लेटफाॅर्म पर ‘इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकाॅल’ की तीन राउंड की ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है। जिसमें 2,500 से ज्यादा नोड्स पर ट्रेनिंग कराई गई है.
हमारी त्रिस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था एल-1, एल-2 व एल-3 के सभी डाॅक्टर, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ व स्वीपर आदि की ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है.
सचिवालयकर्मियों को एक छोटा हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। कुछ जगहों पर ‘पास’ की व्यवस्था लागू की गई है, इसका पालन करना जरूरी है ताकि हम कोरोना से बचाव कर सकें.
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कोटा से घर आए बच्चों से @CMHelpline1076 के माध्यम से फोन करके ‘होम क्वारंटाइन’ में ही रहने की अपील की जा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं भी छात्रों को फोन करके उनका कुशलक्षेम पूछेंगे.
बहुत जल्द रमजान का महीना शुरू हो रहा है, सभी लोग घर पर रहें। किसी को सहरी या इफ्तार में कोई दिक्कत न हो यह सुनिश्चित किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन जगहों पर हाॅटस्पाॅट नहीं है, जनपद से अनुमति है, MSME के एक्सपोर्ट के लिए अगर माल जाना है तो उसकी भी व्यवस्था कर, कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
एल-1, एल-2, एल-3 श्रेणी के चिकित्सालयों व टेस्टिंग लैब्स में संसाधनों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए, मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष/ कोविड केयर फंड से धनराशि तुरंत निर्गत करने के निर्देश।
मुख्यमंत्री ने पेंडिंग सैम्पल्स की तुरंत जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमण के मानक के अनुसार निजी चिकित्सालयों में भी सुरक्षा की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आज पुनः इस बात पर बल दिया है कि टेस्टिंग लैब्स की क्षमता का विस्तार किया जाए, प्रदेश में टेस्टिंग की क्षमता पहले से काफी अधिक बढ़ी भी है
मुख्यमंत्री ने आज टीम-11 के साथ लाॅकडाउन की समीक्षा करते हुए कहा कि लाॅकडाउन में किसी तरह की कोई रियायत नहीं होनी चाहिए। बनाई गई व्यवस्था के अनुरूप इसका पालन सुनिश्चित कराया जाए.

