विधायक ने डीएम को लिखा पत्र, अप्रैल, मई, जून का फीस हो माफ
मऊ। इधर कोरोना वायरस से जूझ रहे मऊ वासियों को जिलाधिकारी ने एक राहत भरा संदेश दिया है कि, कोई भी स्कूल या संस्थान पढ़ने वाले स्कूली बच्चों छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अप्रैल मई-जून का फीस का मांग ना करें और इस विषय में जिलाधिकारी ने कार्रवाई व चेतावनी के साथ फरमान भी जारी कर दी है। उधर भारतीय जनता पार्टी के घोसी विधायक एवं युवा नेता विजय राजभर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग किया है कि संपूर्ण विषय के साथ साथ हमारा देश, प्रदेश और जनपद कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। इस आपदा में जनपद का जनजीवन ठप्प है। हमारी प्रदेश सरकार आमजन के जीवन के लिए आवश्यक सामानों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इस क्रम में जनपद के निजी विद्यालयों के पढ़ने वाले बच्चों की फीस 3 माह जनवरी, मई व जून की जनहित में माफ करना अति आवश्यक है। उन्होंने अपने पत्र को जिलाधिकारी को भेजने के बाद बताया कि ऐसे समस्या और दुख की घड़ी में अगर प्रशासन एवं स्कूल के प्रबंधक जनता और जनहित की भावनाओं को ध्यान रखते हुए फीस माफ कर देते हैं तो यह काफी सराहनीय कदम होगा। उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि जिलाधिकारी इस विषय को संज्ञान में लेते हुए उचित निर्देश देंगे।
उधर भाजपा विधायक विजय राजभर के इस पत्र के बाबत जब हमने कुछ अभिभावकों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि वास्तव में विधायक जी ने जनता की भावनाओं को समझ कर जो पत्र जिला प्रशासन को लिखा है वह काबिले तारीफ है अभिभावक श्री प्रकाश गुप्ता का कहना है कि वास्तव में जहां लोगों को खाने के लिए पैसे नहीं है ऐसे में पढ़ाई के लिए फीस जुटा पाना काफी मुश्किल है कहा कि यह कदम सराहनीय है वही रस्तीपुर निवासी अरविंद भारती का कहना है कि अगर ऐसा हो जाता है तो वास्तव में मुश्किल की घड़ी में बहुत ही ताकत मिलेगा वही ग्रहणी रीना राजभर ने बताया कि यह काम तो विधायक विजय राजभर व जिला प्रशासन के कदम से पहले ही स्कूल के प्रबंधकों को उठा लेना चाहिए लेकिन वह ऐसा क्यों करेंगे। वहीं अभिभावक संघ के अध्यक्ष अमरेश सिंह का कहना है कि उनकी यह मांग जिला प्रशासन से है कि जनपद के समस्त स्कूलों का फीस माफ किया जाए ऐसे में फीस दे पाना अभिभावक के बस की बात नहीं है।

