टीबी मरीजों की सूचना नहीं देने पर चिकित्सकों का नवीनीकरण होगा रद्द
मऊ। टीबी के मरीजों की सूचना नहीं देने पर प्राइवेट चिकित्सकों व नर्सिंग होम क्षेत्र का नवीनीकरण नहीं होगा। इस आशय का शासनादेश सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि इस आदेश का कड़ाई पूर्वक पालन हो। सीएमओ डॉ सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि टीबी के मरीजों के लिए हर स्तर पर पूर्ण प्रयास किया जा रहा है। वहीं मऊ जिले को 2025 तक क्षय रोग मुक्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। 
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में अभी तक कुल 3,715 टीबी के रोगी चिन्हित हुए हैं। जिले में 61 चिकित्सक निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत है जबकि 18 चिकित्सकों ने ही अभी तक टीबी के मरीजों की सूचना उपलब्ध कराई है। सूचना नहीं देने वाले चिकित्सकों को सख्ती से अनुपालन के करने के लिए कहा गया है। सूचना नहीं देने वाले चिकित्सकों को एक बार लिखित चेतावनी देकर अगली बार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ एसपी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2019 में लगभग 18 प्राइवेट चिकित्सकों द्वारा 1,366 टीबी के मरीजों की सूचना दी गयी। इन सभी का इलाज पूरा हो जाने पर सफलता के संबंध में भी विभाग को जानकारी देना अनिवार्य है। अभी भी कई चिकित्सकों के द्वारा टीबी मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) का नाम बदलकर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कर दिया गया है जिसके कारण नए लक्ष्यों के प्रति मिशन मोड पर कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने सभी प्राइवेट चिकित्सकों से क्षय रोगियों की सूचना देने तथा प्राइवेट मरीजों को भी सरकारी जांच जैसे सीबीनाट सुविधा दिलाने को कहा है।

